आज यानी बुधवार तड़के रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से में 8.8 तीव्रता के भूकंप से धरती कांप गई। भूकंप का केंद्र रूस के कमचटका प्रायद्वीप में था, जहां आसपास के इलाकों में काफी नुकसान की खबर है। इस भूकंप के चलते प्रशांत महासागर में सुनामी की ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं। जानकारों का कहना है कि इस भूकंप के चलते प्रशांत महासागर में 3 मीटर या उससे भी अधिक ऊंची सुनामी की लहरें उठ सकती हैं। रूस के पूर्वी छोर पर आया यह भूकंप संयुक्त रूप से दुनिया का अब तक का छठा सबसे बड़ा भूकंप है। चलिए जानते हैं दुनिया में आए अब तक के 10 सबसे भीषण भूकंपों के बारे में। यह भूकंप कब और कहां आए? इन भूकंपों से कितना नुकसान हुआ।
ये हैं दुनिया के अब तक के 10 सबसे ज्यादा तीव्रता के भूकंप (फोटो - AP)
दुनिया का सबसे भीषण भूकंप
दुनिया का आज तक का सबसे भीषण भूकंप दक्षिणी अमेरिकी देश चिली में आया था। चिली में साल 1960 में मानव इतिहास का सबसे भीषण 9.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। यह भूकंप चिली के बायोबायो (Biobio) शहर में आया था। इस भूकंप को वलडीविया (Valdivia) भूकंप या ग्रेट चिलियन अर्थक्वैक के नाम से जाना जाता है। दुनिया के इस सबसे भयंकर भूकंप में 1655 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 लाख लोगों को इस भूकंप ने बेघर कर दिया।
अलास्का भूकंप
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा भूकंप अमेरिका के अलास्का में साल 1964 में आया था। अलास्का में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 9.2 आंकी गई थी। इस भूकंप को अक्सर ग्रेट अलास्का अर्थक्वैक, प्रिंस विलियम्स साउंड अर्थक्वैक और गुड फ्राइडे अर्थक्वैक के नाम से जाना जाता है। इस भूकंप और इसके बाद आई सुनामी में 130 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 2.3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।
2004 सुमात्रा भूकंप
इंडोनेशिया के सुमात्रा में साल 2004 में आया 9.1 तीव्रता का भूकंप दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा भूकंप था। लेकिन जानमाल के नुकसान के लिहाज से संभवत: यह सबसे भीषण भूकंप था। सुमात्रा-अंडमान द्वीप समूह में आए इस भूकंप से सुनामी की बड़ी-बड़ी लहरें उठीं और इसने 2 लाख 80 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली। इस भूकंप और सुनामी के चलते दक्षिण एशिया और पूर्वी अफ्रीका में 11 लाख लोगों को शरणार्थी शिविरों में रहना पड़ा। इस भूकंप की वजह से भारत के पूर्वी तट पर भी काफी नुकसान पहुंचा।
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा भूकंप
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा भूकंप जापान के टोहोकू में साल 2011 में आया। द ग्रेट टोहोकू अर्थक्वैक और इसके बाद आई सुनामी की लहरों में 15 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इसके अलावा 130 लोगों का घर-बार उजड़ गया। इस सुनामी के चलते जापान के फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को भी नुकसान पहुंचा था, जिससे दुनियाभर में दहशत फैल गई थी।
पांचवां सबसे बड़ा भूकंप
ये हैं दुनिया के अब तक के 10 सबसे ज्यादा तीव्रता के भूकंप (फोटो - AP)
दुनिया का अब तक का पांचवां सबसे बड़ा भूकंप उसी कमचटका में आया था, जहां आज यानी बुधवार 30 जुलाई 2025 को भयंकर भूकंप आया है। साल 1952 में कमचटका में 9.0 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 1952 का कमचटका भूकंप इसलिए भी खास था क्योंकि रिक्टर स्केल पर रिकॉर्ड किया गया 9 तीव्रता का यह पहला भूकंप था। इस भूकंप के चलते सुनामी की ऊंची-ऊंची लहरें उठीं और हवाई द्वीप को काफी नुकसान पहुंचा। उस समय इस भूकंप के चलते 10 लाख डॉलर का नुकसान हुआ था।
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छठा सबसे बड़ा भूकंप
चिली के बायोबायो (Biobio) में आया यह भूकंप दुनिया का छठा सबसे बड़ा रिकॉर्ड किया गया भूकंप था। क्विरिहुए (Quirihue) शहर में समुद्र तट के पास आए इस भूकंप में 523 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 3 लाख 70 हजार से ज्यादा घर टूट गए थे।
सातवां सबसे बड़ा भूकंप
इक्वाडोर के एसमरल्डास (Esmeraldas) में साल 1906 में 8.8 तीव्रता के भीषण भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप को इक्वाडोर-कोलंबिया अर्थक्वैक नाम से जाना जाता है। इस भूकंप के चलते सुनामी की ऊंची-ऊंची लहरें उठीं और इसमें 1500 लोगों की जान चली गई थी। सुनामी की लहरें उत्तरी अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को तक पहुंची थीं।
8वां सबसे बड़ा भूकंप
दुनिया का आठवां सबसे तेज भूकंप अमेरिका के अलास्का में रिकॉर्ड किया गया था। साल 1965 में आया 8.7 तीव्रता का यह भूकंप अलास्का के अलेटियन आयलैंड (Aleutian Islands) में रैट आयलैंड के पास आया था। इस भूकंप के बाद सुनामी की लहरें 35 फीट तक ऊंची उठी थीं।
9वां सबसे तेज भूकंप
दुनिया का 9वां सबसे भीषण भूकंप हमारे देश भारत के अरुणाचल प्रदेश में आया था। साल 1950 में आए इस भूकंप की तीव्रता 8.6 मापी गई थी। इस भूकंप को असम-तिब्बत अर्थक्वैक के नाम से जाना जाता है। इस भूकंप के चलते धरती काफी देर तक जोर से कांपती रही। इससे जमीन पर दरारें पड़ गईं, क्षेत्र में कई जगह लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन हुए। कहा जाता है कि इस भूकंप और उससे हुए नुकसान के चलते 780 लोगों की जान चली गई थी।
10वां सबसे बड़ा भूकंप
दुनिया के इतिहास में अब तक रिकॉर्ड किया गया 10वां सबसे बड़ा भूकंप इंडोनेशिया के सुमात्रा में साल 2012 में आया था। जी हां, 2004 में आए भूकंप के बाद यहां पर 2012 में भी भीषण भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उत्तरी सुमात्रा के तट पर आए इस भूकंप से धरती बुरी तरह से कांप गई थी। हालांकि, गनीमत यह रही कि इसमें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। कुछ लोगों की डर के चलते हार्ट अटैक के कारण मौत जरूर हुई थी।
नोट - यहां बताए गए सभी आंकड़े USGS की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार हैं -
