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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नरेंद्र मोदी को दी बधाई, जानें क्या कहा

Pakistan congratulated Modi: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। शरीफ भारत के पड़ोसी देशों से एकमात्र प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें नई दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने चीन से लौटने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से उन्हें बधाई दी।

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पाकिस्तान के पीएम ने मोदी को दी बधाई।

Photo : Twitter

Shehbaz Sharif congratulated Narendra Modi: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर शुभकामनाएं दी। मोदी ने रविवार को रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में 72 सदस्यीय केंद्रीय मंत्रिपरिषद का नेतृत्व किया।

पीएम मोदी को पाकिस्तानी पीएम ने ऐसे दी बधाई

शहबाज शरीफ भारत के पड़ोसी देशों से एकमात्र प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें नई दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने पाकिस्तान के सदाबहार मित्र चीन से लौटने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से उन्हें बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर नरेंद्र मोदी को बधाई।'

शपथ ग्रहण समारोह में सात देशों के नेता हुए शामिल

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ और श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंधे समेत भारत के पड़ोसी देशों और हिंद महासागर क्षेत्र के शीर्ष नेताओं ने रविवार को ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, उनके भूटानी समकक्ष शेरिंग तोबगे और सेशेल्स के उप राष्ट्रपति अहमद अफिफ भी मौजूद रहे।

पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है भारत

पांच अगस्त 2019 को भारतीय संसद द्वारा अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के बाद इस्लामाबाद ने नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को कमतर कर दिया था। तब से दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं। भारत ने लगातार कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी के संबंध चाहता है और अच्छे संबंध के लिए आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने के लिए इस्लामाबाद की जिम्मेदारी पर जोर डालता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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