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नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की घोषणा: भारतीय मूल की 'नावी पिल्ले' सम्मानित, मिला दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड

Navanethem Navi Pillay Nobel Peace Prize: नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की घोषणा कर दी गई है। यह सम्मान दक्षिण अफ्रीका की मानवाधिकार कार्यकर्ता और पूर्व यूएन प्रमुख नावी पिल्ले (Navi Pillay) को दिया गया है।

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नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की घोषणा: दक्षिण अफ्रीका की पूर्व UN मानवाधिकार प्रमुख नावी पिल्लै को मिला सम्मान

Nobel Peace Prize 2026 Navi Pillay: नार्वेजियन नोबेल समिति (The Norwegian Nobel Committee) ने वर्ष 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार (The Nobel Peace Prize 2026) की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस साल का प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की प्रमुख मानवाधिकार न्यायविद् और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार उच्चायुक्त नावानजीथम 'नावी' पिल्ले (Navanethem 'Navi' Pillay) को प्रदान किया गया है। बता दें कि उन्हें यह सम्मान 'शांति और अंतर्राष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनके उत्कृष्ट प्रयासों' के लिए दिया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों की मजबूत आवाज

80 के दशक से ही कानून और मानवाधिकारों के क्षेत्र में सक्रिय नावी पिल्ले ने वैश्विक स्तर पर न्याय और अंतरराष्ट्रीय शांति व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है:

रवांडा ट्रिब्यूनल और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय: नावी पिल्ले ने रवांडा के लिए बने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक ट्रिब्यूनल (ICTR) की अध्यक्ष के रूप में काम किया, जहां उन्होंने युद्ध अपराधों में यौन हिंसा को जनसंहार (Genocide) के कृत्य के रूप में स्थापित करने वाला ऐतिहासिक निर्णय दिया। इसके अलावा वे अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की न्यायाधीश भी रह चुकी हैं।

संयुक्त राष्ट्र में कार्यकाल: उन्होंने 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त (UN High Commissioner for Human Rights) के रूप में वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों की रक्षा का नेतृत्व किया।

रंगभेद के खिलाफ संघर्ष: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका में जन्मी पिल्ले ने रंगभेद विरोधी आंदोलन के दौरान नेल्सन मंडेला सहित कई राजनीतिक बंदियों का कानूनी बचाव किया था।

नोबेल समिति का वक्तव्य

बता दें कि नोबेल समिति ने अपने प्रशस्ति पत्र में कहा कि वर्तमान समय में जब वैश्विक संघर्ष बढ़ रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय नियमों व कानूनों की अनदेखी हो रही है, ऐसे दौर में नावी पिल्ले का जीवन भर का कार्य अंतर्राष्ट्रीय कानून की सर्वोच्चता को पुनर्स्थापित करने और शांति स्थापना के लिए एक प्रेरणा स्तंभ है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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