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लश्कर आतंकी अबू सैफुल्लाह सिंध में ढेर, अज्ञात बंदूकधारियों ने निपटा दिया, भारत में तीन हमलों में था शामिल- रिपोर्ट

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय पर हमले की साजिश रचने के अलावा, लश्कर का यह आतंकवादी 2005 में बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान पर हमले और 2001 में रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले में भी शामिल था।

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सिंध में लश्कर आतंकी की हत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : PTI

Lashkar Terrorist Razaullah Nizamani Killed: लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी रजाउल्लाह निजामनी उर्फ अबू सैफुल्लाह खालिद को रविवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने मार गिराया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। निजामनी 2006 में आरएसएस मुख्यालय पर हमले के पीछे का साजिशकर्ता था। अधिकारियों ने बताया कि निजामनी जिसे पाकिस्तानी सरकार द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई थी, आज दोपहर सिंध के मतली में अपने आवास से निकला था और एक क्रॉसिंग के पास हमलावरों ने उसे गोली मार दी।

तीन बड़े आतंकी हमलों में था शामिल

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय पर हमले की साजिश रचने के अलावा, लश्कर का यह आतंकवादी 2005 में बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान पर हमले और 2001 में रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले में भी शामिल था।

संघ मुख्यालय पर हमले के अलावा, लश्कर का यह आतंकवादी खालिद 2005 में बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान पर हुए आतंकी हमले में भी शामिल था, जिसमें आईआईटी के प्रोफेसर मुनीश चंद्र पुरी की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग घायल हुए थे। आतंकवादी घटनास्थल से भाग निकले थे, हालांकि बाद में पुलिस ने मामले की जांच की और अबू अनस के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अनस अब भी फरार है।

रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर हमले का भी मास्टरमाइंड

खालिद 2008 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कैंप पर हुए हमले का भी मास्टरमाइंड था, जिसमें सात जवान और एक नागरिक की मौत हो गयी थी। दोनों आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गये थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मॉड्यूल का पर्दाफाश किए जाने के बाद खालिद नेपाल छोड़कर पाकिस्तान लौट गया था। बाद में उसने लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के कई नेताओं के साथ मिलकर काम किया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के लिए लश्कर-ए-तैयबा कमांडर यूसुफ मुजम्मिल, मुजम्मिल इकबाल हाशमी और मुहम्मद यूसुफ तैबी शामिल थे।

खालिद को पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के नेतृत्व ने सिंध के बादिन और हैदराबाद जिलों के इलाकों से नये आतंकवादियों की भर्ती करने और आतंकी संगठन के लिए धन जुटाने का काम सौंपा था। सिंध से आई खबरों के अनुसार, गोली लगने के बाद खालिद को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबरों में, इस हत्याकांड को व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला भी बताया गया है। (पीटीआई)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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