Israel Iran War: इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग तीसरे दिन भी जारी रही। दोनों देशों ने एक दूसरे के ऊपर खूब हमले किए। इजराइल ने जहां एयर स्ट्राइक और ड्रोन से ईरान पर हमला बोला तो वहीं ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइल के कई शहरों को निशाना बनाया। दोनों ही देशों में इन हमलों के कारण लगभग दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं सैकड़ों घायल हैं।
इजराइल का ईरान पर हमला
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ईरान-इजराइल जंग से तबाही ही तबाही
शुक्रवार को इजराइल द्वारा ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर अचानक की गई बमबारी में कई शीर्ष जनरलों और परमाणु वैज्ञानिकों के मारे जाने के बाद क्षेत्र में एक लंबे संघर्ष की आशंका पैदा हो गई है। ईरान ने कहा कि इजराइल ने उसकी दो तेल रिफाइनरी पर हमला किया है। रविवार को तेहरान तथा देश के अन्य हिस्सों से भी नए विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, लेकिन ईरान ने इस बात की कोई जानकारी नहीं दी कि कितने लोग हताहत हुए हैं। वहीं, इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने एक दिन पहले कहा था कि 78 लोग मारे गए हैं तथा 320 से अधिक घायल हुए हैं। इजराइल ने कहा कि उसके देश में 14 लोग मारे गए हैं और 390 घायल हुए हैं।
ईरान ने दागी 270 मिसाइलें
इजराइली आंकड़ों के अनुसार, ईरान ने 270 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं, जिनमें से 22 हवाई रक्षा प्रणाली को भेदकर हमला करने में सफल रहीं। इजराइल का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और हवाई क्षेत्र तीसरे दिन भी बंद रहा। इजराइल में, तेल अवीव के पास बैट याम में एक इमारत पर मिसाइल गिरने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय पुलिस कमांडर डैनियल हदाद ने बताया कि 180 लोग घायल हुए हैं और सात अब भी लापता हैं। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के एक रिपोर्टर ने सड़कों पर क्षतिग्रस्त और नष्ट हो चुकी इमारतों, बम से नष्ट हो चुकी कारों और कांच के टुकड़ों को देखा। उत्तरी इजराइल के तमरा में एक इमारत पर मिसाइल गिरने से 13 वर्षीय एक लड़के सहित चार लोग मारे गए और 24 घायल हो गए। अन्य शहर रेहोवोट पर हुए हमले में 42 लोग घायल हो गए।
इजराइल पर हमले के दौरान ईरानी मिसाइल
ईरान में भारी तबाही
ईरान में एपी द्वारा विश्लेषित उपग्रह तस्वीरों से पता चलता है कि नतांज में ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन केन्द्र को भारी क्षति पहुंची है। ‘प्लैनेट लैब्स पीबीसी’ द्वारा शनिवार को ली गई तस्वीरों में कई इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट दिखाई दे रही हैं। संयुक्त राष्ट्र परमाणु प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने सुरक्षा परिषद को बताया कि नतांज का ऊपरी हिस्सा नष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि भूमिगत हिस्से को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन बिजली गुल होने से वहां बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। इजराइल ने इस्फहान में एक परमाणु अनुसंधान केन्द्र पर भी हमला किया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि चार ‘महत्वपूर्ण इमारतें’ क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें इसका यूरेनियम संवर्धन केन्द्र भी शामिल है।
ईरान ने परमाणु वार्ता की रद्द
इस बीच, खाड़ी देश ओमान ने कहा कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर ईरान और अमेरिका के बीच रविवार को होने वाली छठे दौर की वार्ता को रद्द कर दिया गया है। ओमान, तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं की मध्यस्थता कर रहा है। ईरान के शीर्ष राजनयिक अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि इजराइल के हमलों के बाद परमाणु वार्ता का कोई मतलब नहीं है, और उन्होंने इन हमलों को “वॉशिंगटन के सीधे समर्थन का परिणाम” बताया। ट्रंप ने रविवार सुबह अपने ‘ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर एक पोस्ट में दोहराया कि ईरान पर हमलों में अमेरिका शामिल नहीं है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के खिलाफ की गई किसी भी कार्रवाई के परिणामस्वरूप अमेरिका की ऐसी प्रतिक्रिया मिलेगी, जो ‘पहले कभी नहीं देखी गई।’
ईरान में इजराइल का हमला
ईरान परमाणु बम बनाने के करीब
अमेरिका तथा अन्य देशों का आकलन है कि ईरान ने 2003 के बाद से कोई हथियार विकसित नहीं किया है। ऐसा माना जाता है कि उसने हाल के वर्षों में यूरेनियम के बड़े भंडार को इस स्तर तक संवर्धित किया है कि अगर वह चाहे, तो कुछ ही महीनों में कई हथियार विकसित कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने पिछले हफ्ते ईरान की परमाणु हथियार नहीं विकसित करने संबंधी दायित्वों का पालन नहीं करने के लिए निंदा की थी।
