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Israel-Gaza War: गाजा में आतंकवादियों के खिलाफ इजराइल का अभियान जारी, 27 महिलाओं और 31 बच्चे समेत गई 108 लोगों की जान

Israel-Gaza War: इजराइल द्वारा गाजा पर किए गए हमलों में 108 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गये। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार के हवाई हमलों में 27 महिलाएं और 31 बच्चे मारे गए तथा सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं।

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गाजा में इजराइली हमलों में 108 लोग मारे गए

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Israel-Gaza War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया दौरे के समापन के बीच शुक्रवार को इजराइल द्वारा गाजा पर किए गए हमलों में 108 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गये। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार के हवाई हमलों में 27 महिलाएं और 31 बच्चे मारे गए तथा सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं।

यमन में दो बंदरगाहों पर भी इजराइल का हमला

इजराइल ने शुक्रवार को यमन में दो बंदरगाहों पर भी हमला किया, जिसके बारे में उसने कहा कि इनका इस्तेमाल हूती विद्रोही समूह हथियारों के लेनदेन के लिए कर रहे थे। दीर अल-बला के बाहरी इलाकों और खान यूनिस शहर में बृहस्पतिवार रात से लेकर शुक्रवार सुबह तक हमले किये गये। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं।

Gaza

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ट्रंप का खाड़ी देशों का दौरा शुक्रवार को समाप्त हो गया। इस मौके पर हालांकि ट्रंप ने इजराइल का दौरा नहीं किया। लोगों को उम्मीद थी कि ट्रंप के दौरे से युद्धविराम या मानवीय सहायता के रास्ते खुल सकते हैं। गाजा में इजराइल की नाकेबंदी का अब तीसरा महीना है। अपनी यात्रा के अंतिम दिन अबू धाबी में एक व्यापार मंच पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह गाजा समेत कई वैश्विक समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम गाजा की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इजराइल ने शुक्रवार को कहा कि वह गाजा में आतंकवादियों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखे हुए है और पिछले दिन उसने 150 ठिकानों पर हमले किये। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमले शुक्रवार सुबह तक होते रहे और लोगों को जबालिया शरणार्थी शिविर एवं बेत लाहिया शहर से भागना पड़ा।

गाजा

गाजा

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले हमलों में 130 से अधिक लोग मारे गए थे। यमन में हमलों के बाद किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है। हूती के उपग्रह चैनल अल-मसीरा ने हमलों की बात स्वीकार की, लेकिन कोई अन्य विवरण नहीं दिया। इजराइली सेना ने कहा कि उसने ट्रंप की यात्रा के दौरान यमन से इजराइली हवाई क्षेत्र की ओर दागी गई कई मिसाइलों को रोक दिया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही कह चुके हैं कि हमास को खत्म करने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे गाजा में हमलों को और तेज करेंगे। नेतन्याहू ने मंगलवार को जारी बयान में कहा था कि उनकी सेनाएं कुछ ही दिनों में पूरे बल के साथ गाजा में प्रवेश करेंगी और मिशन पूरा करेंगी, जिसका मतलब है हमास का विनाश। यह स्पष्ट नहीं है कि शुक्रवार के हमले इस अभियान की शुरुआत हैं या नहीं।

पीएम नेतन्याहू

पीएम नेतन्याहू

हमास ने बंधकों को रिहा करना किया बंद

इजराइली सरकार के प्रवक्ता डेविड मेन्सर ने बताया कि इजराइली सेना अपने अभियान तेज कर रही है। उन्होंने कहा कि इजराइल ने अभियान को तब से तेजी दी है जब से हमास ने बंधकों को रिहा करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य उन्हें (बंधकों को) वापस घर लाना और हमास को सत्ता से हटाना है। उन्होंने कहा कि इजराइल बातचीत के दौरान हमास पर दबाव बनाना जारी रखेगा और कहा कि नतीजे मिल रहे हैं। इजराइल और गाजा के बीच यह युद्ध सात अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास के नेतृत्व में आतंकवादियों ने दक्षिणी इजराइल में घुसपैठ कर 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी।

इजराइली सेना

इजराइली सेना

इसके जवाब में इजराइल ने व्यापक सैन्य कार्रवाई की, जिसमें गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 53000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इनमें से लगभग 3,000 की मौत 18 मार्च को युद्धविराम टूटने के बाद हुई है। हमास ने सात अक्टूबर को इजराइल पर हमले के दौरान बंधक बनाए गए लगभग 250 लोगों में से 58 को अब भी बंधक बना रखा है। इनमें से 23 के अब भी जीवित होने का अनुमान है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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