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हिजबुल्लाह की सुरंगों में घुसी इजराइल सेना, लेबनान में शुरू किया ग्राउंड ऑपरेशन

Israel ground operation in Lebanon: इजराइली सेना ने लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इजराइली सेना ने कहा है कि उसने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं।

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इजराइल ने लेबनान में शुरू किया ग्राउंड ऑपरेशन

Photo : AP

Israel ground operation in Lebanon: हिजबुल्लाह नेता नसरल्लाह की मौत के बाद इजराइल ने इस आतंकी संगठन को नेस्तनाबूद करना शुरू कर दिया है। खबर है कि इजराइली सेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। इस बाबत इजराइली सेना की आरे से जानकारी दी गई है, जिसमें कहा गया है कि उसने लेबनान में लिमिटेड ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार की सुबह आईडीएफ द्वारा ज़मीनी आक्रमण की घोषणा करने से पहले ही इजराइली सैनिक लेबनान के साथ देश की सीमा के पास हिज़्बुल्लाह सुरंगों में घुस चुके थे। उधर, आईडीएफ ने कहा है कि इजराइली सीमा के करीब स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है और एयरफोर्स थलसेना की मदद कर रही है।

खुफिया इनपुट के आधार पर किए जा रहे हमले

इजरायल डिफेंस फोर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया है और बताया है कि इन हमलों को पूरी तरह से राजनीतिक नेतृत्व के तहत किया जा रहा है और जो भी सटीक खुफिया जानकारी मिली है, उसके आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। पोस्ट के अनुसार, कुछ घंटों पहले, राजनीतिक नेतृत्व के निर्णय के अनुसार, इजरायली सेना (आईडीएफ) ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के आतंकवादी ठिकानों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ सटीक खुफिया जानकारी के आधार सीमित और लक्षित जमीनी हमले शुरू किए हैं। ये ठिकाने सीमा के पास के गांवों में स्थित हैं और इजरायल के उत्तरी इलाकों के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे हैं।

इजराइल के ऑपरेशन का नाम- 'नॉर्दर्न एरोज'

पोस्ट में आगे कहा गया है, आईडीएफ जनरल स्टाफ और उत्तरी कमान द्वारा निर्धारित एक व्यवस्थित योजना के अनुसार काम कर रही है, जिसके लिए आईडीएफ सैनिकों ने हाल के महीनों में प्रशिक्षण लिया है और तैयारी की है। इन जमीनी ऑपरेशनों को इजरायली वायु सेना और तोपखाने से सटीक हमला करने में मदद मिल रही है और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। पोस्ट में बताया गया है कि ये अभियान पूरी तरह से राजनीतिक निर्णय के अनुसार ही किए जा रहे हैं। नॉर्दर्न एरोज नामक यह ऑपरेशन स्थिति के आधार पर और गाजा व अन्य क्षेत्रों में चल रहे संघर्ष के साथ-साथ चलता रहेगा। आगे बताया गया है कि आईडीएफ युद्ध के उद्देश्यों को पूरा करने और इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है, ताकि उत्तर इजरायल के लोग सुरक्षित रूप से अपने घर वापस लौट सकें।

इजराइल ने अमेरिका को दी ऑपरेशन की जानकारी

इजराइल ने एक बड़े अभियान की योजना के तहत लेबनान की सीमा पर छोटे और सटीक हमले किए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इजराइल ने अमेरिका को जारी हमलों के बारे में जानकारी दी है, लेकिन इजरायल ने बड़े अभियान की योजनाओं के समय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

अधिकारी के अनुसार, अमेरिका ने इजराइल से लेबनान में अपनी सभी गतिविधियां रोकने के लिए नहीं कहा है और वह ऐसा करेगा भी नहीं, क्योंकि वाशिंगटन इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है। काहिरा में एक राजनयिक ने कहा कि लेबनान में एक इजराइली अभियान आसन्न है। राजनयिक ने कहा कि इजरायल ने संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य पश्चिमी सहयोगियों के साथ अपनी योजनाओं को साझा किया है और यह अभियान सीमित होगा। स्थिति की संवेदनशीलता के कारण अधिकारियों ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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