इजराइल की धमकी के बाद ईरान ने मशहद में रोकी ट्रेन सर्विस, विरासत बचाने पहुंच गया UNESCO

ईरान ने इजराइल की धमकी के बाद मशहद शहर में रेलवे सेवा रोक दी है। इजराइल ने धमकी दी है कि वो अब ईरान की ट्रेनों को निशाना बनाएगा। जिसके बाद ईरान UNESCO पहुंच गया है।

इजराइल की धमकी का असर अब ईरान पर दिखने लगा है। ईरान (Iran) ने अब अपनी रेल सेवा को रोकना शुरू कर दिया है। यही नहीं अपनी रेलवे को बचाने के लिए ईरान, यूनेस्को (UNESCO) तक पहुंच गया है। दरअसल इजराइल ने धमकी दी है कि वो ईरान की रेलवे को निशाना बनाएगा, जिसके बाद से ईरान में हड़कंप मचा हुआ है।

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अमेरिकी हमले में तबाह हुआ ईरानी ब्रिज (फोटो-AP

ईरान ने कहां रोकी ट्रेन सेवा

ईरान ने मशहद में रेल सेवाएं निलंबित कर दी हैं। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मशहद के गवर्नर ने शहर के सेंट्रल रेलवे स्टेशन से चलने वाली सभी रेल सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की है। मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, सभी निर्धारित ट्रेनों को रद्द करने का यह कदम एक एहतियाती उपाय है, जो "अगली सूचना तक" लागू रहेगा।

UNESCO को ईरान ने क्यों लिखा खत?

ईरान की ओर से यूनेस्को को खत लिखा गया है। जिसमें ईरान के रेल सिस्टम को उड़ाने की इजरायली धमकी की आलोचना करने को कहा गया है। सांस्कृतिक विरासत मंत्री ने यूनेस्को महानिदेशक को ये आधिकारिक चिट्ठी लिखी है। दरअसल, ईरान के 1,394 किलोमीटर लंबे ट्रांस-ईरानी रेलवे को यूनेस्को ने 2021 में विश्व धरोहर के तौर पर मान्यता दी गई है। ईरान की आईएसएनए न्यूज एजेंसी ने इसकी जानकारी दी है। एजेंसी ने बताया कि ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री रेजा सलीही अमीरी ने यूनेस्को के महानिदेशक को एक आधिकारिक चिट्ठी भेजी है, जिसमें यूएन एजेंसी से देश के रेलवे सिस्टम पर हमले की इजरायल की धमकी की निंदा करने और इस पर रोक लगाने की अपील की है।

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