ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बुधवार को पुष्टि की कि सप्ताहांत में हुए अमेरिकी हमलों से देश के परमाणु प्रतिष्ठान 'बुरी तरह से क्षतिग्रस्त' हुए हैं। 'अल जजीरा' से बात करते हुए बाघेई ने यह टिप्पणी की, हालांकि उन्होंने विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।
ईरान ने किया स्वीकार- हुआ भारी नुकसान
बाघेई ने स्वीकार किया कि रविवार को अमेरिकी बी-2 बमवर्षकों द्वारा बंकर-बस्टर बम गिराए जाने से काफी नुकसान हुआ है।
ईरान ने स्वीकार किया कि अमेरिका द्वारा परमाणु संयंत्रों पर किए गए हमलों के बाद उसके परमाणु संयंत्रों को 'बहुत नुकसान पहुंचा है' (Badly Damaged) और उसने वाशिंगटन से मुआवजा देने की मांग की, अन्यथा वह संयुक्त राष्ट्र (UN) में शिकायत दर्ज कराएगा।
ईरान द्वारा यह कहे जाने के कुछ दिन बाद कि अमेरिका द्वारा उसके परमाणु संयंत्रों पर किए गए हमलों के बाद रेडियोधर्मी संदूषण के कोई संकेत नहीं मिले हैं, तेहरान ने बुधवार को स्वीकार किया कि उसके परमाणु संयंत्रों को 'बहुत नुकसान पहुंचा है' और उसने वाशिंगटन से मुआवजा मांगा।
अमेरिका ने हमलों में इजरायल का साथ दिया
21 जून को, अमेरिका ने 12 दिनों के संघर्ष के दौरान ईरान पर किए गए हमलों में इजरायल का साथ दिया और इस्लामिक गणराज्य के फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान में प्रमुख परमाणु संयंत्रों पर बमबारी की।
ईरान ने अमेरिका से मुआवजा मांगा
अल जजीरा ने बाघेई के हवाले से कहा, 'हमारे परमाणु प्रतिष्ठानों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा है, यह निश्चित है।' लेबनान की एक समाचार एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने ईरान की परमाणु सुविधाओं को हुए नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजा मांगा और संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी।
अमेरिका स्थित मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में नतांज और इस्फ़हान में ईरान की परमाणु सुविधाओं को उल्लेखनीय नुकसान दिखाया गया है।
