India-Pakistan Tension: भारत-पाकिस्तान तनाव की खबरों के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रति जेडी वेंस ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि, 'अमेरिका भारत-पाकिस्तान से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकता है।' उनका कहना है कि ये उनका काम नहीं है। हम जो कर सकते हैं, वह यह है कि इन लोगों को थोड़ा तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करें, लेकिन हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे हैं। जेडी वेंस ने कहा, 'हम कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से इस मामले को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। हम आशा और अपेक्षा करते हैं कि यह एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या, भगवान न करे, परमाणु युद्ध में नहीं बदले। हमें नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है।' अब सवाल ये उठता है कि, क्या पाकिस्तान इतना समर्थ है कि वो भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच परमाणु बम इस्तेमाल कर सके ? इसका जवाब जानने से पहले ये जानना जरूरी हो जाता है कि, पाकिस्तान के पास कितने परमाणु बम हैं ? भारत के एक्शन से बौखलाया पाकिस्तान कई बार परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की गीदड़भभकी देता रहा है मगर उसको हर बार मुंह की खानी पड़ी है। आज हम आपको पाकिस्तान के हवा-हवाई दावों के पीछे की असलियत के बारे में बताते हैं।
किन देशों के पास है परमाणु हथियार
आपको बता दें कि, पाकिस्तान के अलावा भारत, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, इजराइल और उत्तर कोरिया के पास भी परमाणु हथियार हैं। स्टॉकहोम पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, सभी परमाणु संपन्न देश परमाणु हथियारों के अत्याधुनिक बनाने की दिशा काम कर रहे हैं।
पाकिस्तान के पास कितने परमाणु हथियार
SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पास कुल 170 परमाणु हथियार हैं। पाकिस्तान कर्ज के दबाव में कैसे अन्य देशों से भीख मांग रहा है ये किसी से छिपा नहीं है। दावा है कि, वर्ल्ड बैंक से कई अरब डॉलर का लोन ले रहा है जिससे पाकिस्तान पर कर्ज और बढ़ेगा। वहीं, दूसरी ओर ये भी माना जाता है कि पाकिस्तान अगर अपने सारे परमाणु हथियार बेच दे तो उसका पूरा कर्जा उतर जाएगा। बहरहाल, टाइम्स नाउ नवभारत परमाणु हथियारों की कीमत या पाकिस्तान पर कर्ज के आंकड़े की कोई पुटि नहीं करता है, मगर ये सच है कि, अगर पाकिस्तान परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करता है तो सबसे ज्यादा नुकसान उसे ही होगा।
भारत-पाकिस्तान की परमाणु नीति क्या
गौरतलब है कि, भारत ने 1999 में 'नो फर्स्ट यूज' की परमाणु नीति की घोषणा की थी। ऐसे में भारत ने कहा था कि, हम कभी भी परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेंगे, हम (भारत) परमाणु हमला होने की स्थिति में ही अपने परमाणु बमों का सहारा लेंगे। मगर पाकिस्तान ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया था।
