नेपाल में मना अनोखी मौत का मातम, शोक सभा में पहुंचे भारत, चीन, भूटान के वैज्ञानिक; दुनिया में अपनी तरह की तीसरी मौत

नेपाल में एक अनोखी मौत हुई, जो एशिया में पहली मानी जा रही है। यह अपनी तरह की दुनिया की तीसरी मौत है और माना जा रहा है कि इस सदी के अंत तक इस तरह की हजारों मौतें हो जाएंगी। नेपाल में हुई इस अनोखी मौत का मातम मनाने के लिए नेपाल के साथ ही भारत, चीन और भूटान के वैज्ञानिक इकट्ठा हुए।

दुनिया का कोई भी हिस्सा हो, किसी व्यक्ति की मृत्यु पर शोक सभा होती ही है। मृत्यु के बाद हर समुदाय अपनी-अपनी संस्कृति के अनुसार अंतिम संस्कार भी करता है। मौस के साथ ही मातम मनाने के लिए भी काफी लोग पहुंचते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है हमारे पड़ोसी देश नेपाल में। यहां एक अनोखी मौत का मातम मनाया गया। दुनिया में यह अब तक अपनी तरह की तीसरी मौत है, जिसका मातम मनाने के लिए भारत, चीन, भूटान से कई वैज्ञानिक पहुंचे। चलिए जानते हैं इस बारे में विस्तार से -

mourn loss of Nepals Yala glacier

नेपाल की इस अनोखी शोक सभा में शामिल हुए भारत, चीन और भूटान (फोटो - AI Image)

किसकी हुई मौत, जो इतना इम्पोर्टेंट था

जिसकी मौत हुई वह बहुत ही इम्पोर्टेंट था। जी हां, क्योंकि यह हमारे अस्तित्व से जुड़ा है। दरअसल यहां एक हिमालयी ग्लेशियर को मृत घोषित किए जाने के बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें भारत, चीन व भूटान के ग्लेशियोलॉजिस्ट भी पहुंचे और स्थानीय समुदायों के साथ इस ग्लेशियर की मौत का शोक मनाया।

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