पाकिस्तान से लाखों अफगान नागरिक भगाए जा चुके हैं। तालिबान के सत्ता में आने से पहले ये अफगान नागरिक पाकिस्तान आए थे, तब पाकिस्तान ने इन्हें आने दिया था, ये जंग के दौरान सालों से यहां रह रहे थे, लेकिन अब जब तालिबान सत्ता में आ चुका है और पाकिस्तान की उससे तनातनी हो गई है, तब पाकिस्तान ने अपना असली चेहरा दिखाते हुए इन्हें पाक से चले जाने का फरमान सुना दिया।
पाकिस्तान से भगाए जा चुके हैं लाखों अफगानी
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पाकिस्तान का दावा
पाकिस्तान का दावा है कि उसने सिर्फ अफगान नागरिकों को नहीं निकाला है, बल्कि सभी अवैध प्रवासियों को देश छोड़ने के लिए कहा है। हालांकि अबतक बाकी अन्य देशों के कितने नागरिक पातकिस्तान से भगाए गए हैं, उसका कोई डाटा पाकिस्तान सरकार ने नहीं दिया है।
राष्ट्रव्यापी कार्रवाई का हिस्सा
बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे अफगानिस्तान के कम से कम पांच लाख लोगों ने दो माह से अधिक वक्त में पाकिस्तान छोड़ा है। पाकिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अफगानिस्तान के नागरिकों की यह वापसी पाकिस्तान सरकार की ओर से दो महीने पहले शुरू की गई राष्ट्रव्यापी कार्रवाई का हिस्सा है। कार्यवाहक गृह मंत्री सरफराज बुगती ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा कि पिछले दो माह से अधिक वक्त में 482,000 से अधिक अफगानिस्तान के नागरिक स्वदेश लौट गए हैं जिनमें से 90 प्रतिशत स्वेच्छा से जा रहे हैं।
कुछ को जबरदस्ती भी भगा रहे
कार्यवाहक गृह मंत्री सरफराज बुगती ने कहा कि पाकिस्तान ने उन 10 अफगानी नागरिकों को उनके देश भेजने का निर्णय किया है जो वैध प्रक्रिया से देश में हैं, जो राजनीति में भाग ले रहे हैं। बुगती ने कहा- "केवल पाकिस्तानी नागरिकों को ही देश में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति है। यदि कोई भी विदेशी किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल पाया गया तो उसे तुरंत निर्वासित कर दिया जाएगा।"
