Donald Trump Swearing in : आने वाली 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। शपथ लेने के बाद वह आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति बन जाएंगे। अभी वह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं। व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ उप राष्ट्रपति पद पर जेडी वेंस की ताजपोशी होगी। इस समारोह को भव्य एवं यादगार बनाने के लिए दुनिया भर से मेहमानों को आमंत्रित किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस समारोह के लिए ट्रंप की तरफ से जिन विशिष्ट मेहमानों को बुलाया जा रहा है, उनमें नाटो के सदस्य देशों की संख्या बहुत कम है। यहां तक कि ब्रिटेन और इजरायल को निमंत्रण नहीं मिला है। ये दोनों अमेरिका के करीबी सहयोगी देश हैं। तो वहीं, समारोह के लिए दुश्मन देश चीन को निमंत्रण देना एक अलग तरह की कूटनीति को दर्शाता है।
20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे ट्रंप।
भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे विदेश मंत्री जयशंकर
शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत को न्योता मिला है और भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर समारोह में शामिल होंगे। इनके अलावा लैटिन अमेरिकी और अन्य देशों को निमंत्रण मिला है। निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी समारोह में बुलाया गया है। बाइडेन ने कहा है कि वह शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। बता दें कि 20 जनवरी 2021 को जब 46वें राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन ने शपथ ली थी तो इस कार्यक्रम में ट्रंप शामिल नहीं हुए थे। अमेरिका के बीते 150 साल के राजनीतिक इतिहास में ऐसा नहीं हुआ था लेकिन ट्रंप ने यह परंपरा तोड़ी।
अब तक किसे-किसे मिला निमंत्रण
- शी जिनपिंग -चीन
- जियोर्जिया मेलोनी-इटली
- जेवियर मिलेई-अर्जेंटीना
- नईब बुकेले-अल सल्वाडोर
- विक्टर ओरबान-हंगरी
- जेयर बोलसोनारो-ब्राजील
- ताकेशी इयावा-जापान
- एस जयशंकर-भारत
- निजेल फरागे-ब्रिटेन
भारी मात्रा में दान मिला
ट्रंप के इस शपथ ग्रहण समारोह में जाने की होड़ मची हुई है। राजनीति के अलाा अन्य क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियां इस कार्यक्रम में पहुंचना चाहती हैं। उद्योगपति भी शपथ ग्रहण में शामिल होना चाहते हैं। वीआईपी पास के लिए कई हस्तियां तिकड़म भिड़ा रही हैं ताकि नई सरकार के करीब जाने का उन्हें मौका मिल सके। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के लिए रिकॉर्ड दान मिला है। रिपोर्टों के मुताबिक दान के रूप में अब तक 17 करोड़ डॉलर की रकम इकट्ठा हो चुकी है और इसके 20 करोड़ डॉलर के पार जाने की उम्मीद है। बोइंग, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल आदि बड़ी कंपनियों की तरफ से बड़ी मात्रा में दान दिया गया है।
