आपने दौड़, कुश्ती, तैराकी और तरह-तरह की प्रतियोगिताओं के बारे में तो खूब सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी ऐसी प्रतियोगिता के बारे में सुना है, जिसमें जीतने के लिए केंचुए पकड़ने पड़ते हैं? सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन इंग्लैंड में हर साल ऐसी ही एक अनोखी प्रतियोगिता आयोजित होती है। इस प्रतियोगिता का नाम वर्ल्ड वर्म चैंपियनशिप है। इसमें लोग तय समय के अंदर जमीन से ज्यादा से ज्यादा केंचुए निकालकर उन्हें पकड़ते हैं। सबसे ज्यादा केंचुए पकड़ने वाला प्रतिभागी विजेता बनता है।
केंचुआ पकड़ने की अनोखी प्रतियोगिता में बच्ची ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड (iStock)
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30 मिनट में पकड़ने होते हैं ज्यादा से ज्यादा केंचुए
इस अनोखी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एक तय जगह दी जाती है। इसके बाद शुरू होता है केंचुए खोजने का मुकाबला। खिलाड़ियों के पास केंचुए पकड़ने के लिए सिर्फ 30 मिनट का समय होता है। समय शुरू होते ही प्रतिभागी जमीन पर केंचुए खोजने लगते हैं। इसके लिए हर कोई अपनी अलग तकनीक इस्तेमाल करता है। कोई लकड़ी के डंडे से जमीन पर हलचल पैदा करता है तो कोई दूसरे साधनों से मिट्टी में कंपन करता है। दरअसल, जमीन में कंपन होने पर कई केंचुए ऊपर की तरफ आने लगते हैं। इसके बाद उन्हें पकड़ना आसान हो जाता है। यही वजह है कि इस प्रतियोगिता में सिर्फ तेजी ही नहीं, बल्कि सही तरीका अपनाना भी काफी जरूरी माना जाता है।
केंचुए पकड़ने के लिए लगानी पड़ती है पूरी ताकत
दूर से देखने पर यह प्रतियोगिता काफी आसान लग सकती है, लेकिन मैदान में प्रतिभागियों को लगातार मेहनत करनी पड़ती है। उन्हें जमीन पर नजर बनाए रखनी होती है और जैसे ही केंचुआ दिखाई दे, उसे तुरंत पकड़ना होता है। कई प्रतिभागी इस मुकाबले के लिए खास तरह के कपड़े और उपकरण लेकर पहुंचते हैं। प्रतियोगिता के दौरान हर कोई ज्यादा से ज्यादा केंचुए पकड़ने की कोशिश करता है।
10 साल की बच्ची ने बनाया था शानदार रिकॉर्ड
इस प्रतियोगिता का सबसे दिलचस्प किस्सा साल 2009 का है। ब्रिटेन की सिर्फ 10 साल की बच्ची सैफी सिम्स ने 30 मिनट में 567 केंचुए पकड़कर रिकॉर्ड बना दिया था। बताया जाता है कि सैफी ने जमीन में कंपन पैदा करने के लिए एक डंडे का इस्तेमाल किया था। कंपन होते ही जमीन से केंचुए बाहर आने लगे और बच्ची ने उन्हें तेजी से पकड़ना शुरू कर दिया। 10 साल की उम्र में ऐसा रिकॉर्ड बनाना अपने आप में काफी अनोखी बात थी। इसी वजह से उनका नाम इस प्रतियोगिता के चर्चित रिकॉर्ड्स में शामिल हो गया।
1980 में हुई थी शुरुआत
वर्ल्ड वर्म चैंपियनशिप की शुरुआत साल 1980 में इंग्लैंड के विलमस्टन में हुई थी। तब से यह प्रतियोगिता लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस मुकाबले की सबसे खास बात यह है कि इसमें केंचुओं को नुकसान पहुंचाना मकसद नहीं है। प्रतियोगिता खत्म होने के बाद पकड़े गए केंचुओं को वापस जमीन में छोड़ दिया जाता है। यानी जहां एक तरफ यह प्रतियोगिता लोगों के लिए मजेदार और अनोखा मुकाबला है, वहीं दूसरी तरफ इसमें छोटे जीवों को सुरक्षित रखने का भी ध्यान रखा जाता है।
