Difference between 3E and 3A Coach: आपने कभी न कभी ट्रेन में जरूर सफर किया होगा। ट्रेन में कई तरह के कोच होते हैं, जिसमें जनरल से लेकर फर्स्ट एसी में यात्री अपनी यात्रा कर सकते हैं। देश के ज्यादातर लोग स्लीपर में यात्रा करते हैं। दरअसल, स्लीपर क्लास में यात्रियों को बैठने और सोने की सीट भी मिल जाती है और यह ज्यादा महंगी भी नहीं होती। हालांकि, सबसे सस्ती कोच जनरल वाली होती है, लेकिन जनरल कोच में यात्रा करना बेहद कठिन होता है। इसमें बहुत ही ज्यादा भीड़ होती है।
3e और 3a में अंतर (ट्विटर)
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3A यानि थर्ड एसी और 3E यानि थर्ड एसी इकोनॉमी
हालांकि, गर्मी के दिनों में स्लीपर में भी यात्रा करना कठिन होता है क्योंकि गर्मी की वजह से हालत खराब हो जाती है। इसके बाद यात्री एसी कोच की तरफ जाते हैं। ज्यादातर यात्री थर्ड एसी में अपना टिकट करवाते हैं। यह बाकी एसी की तुलना में सस्ती होती है। हालांकि, आज हम आपको एक और एसी कोच के बारे में बताने जा रहे हैं। जो थर्ड एसी से भी सस्ती होती है। शायद ही आप ट्रेन की इस कोच के बारे में जानते होंगे। इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि यह कोच थर्ड एसी से कितनी अलग होती है।
3E कोच और 3A कोच में अंतर
यात्रियों को किफायती किराये में एसी कोच में ट्रैवल करने के लिए भारतीय रेलवे ने अब 3E कोच का विकल्प भी दिया है। इसे थर्ड एसी इकोनॉमी यानि 3E कोच कहा जाता है। ये कोच थर्ड एसी यानि 3A की ही तरह होता है और वही सारी सुविधाएं दी जाती हैं। हालांकि 3E का किराया 3A से कम होता है। बता दें कि 3E कोच में हर सीट के यात्रियों के लिए एसी डक अलग-अलग लगाया गया है। हर सीट के लिए बोतल स्टैंड, हर सीट के लिए रीडिंग लाइट तथा हर सीट के लिए चार्जिंग की व्यवस्था की गई है। 3E कोच में 3A कोच की तरह बेडशीट और चादर भी मिलते हैं। इन दोनों में फर्क बस इतना है कि 3A कोच में 72 सीटें होती हैं, जबकि 3E कोच में इससे 11 सीट अधिक यानि 83 सीटें होती हैं।
