उसे पानी चाहिए था, प्लास्टिक कचरा नहीं! , लद्दाख के अनोखे मंदिर का नजारा देख भड़के लोग, देखें VIDEO

Viral Video: लद्दाख के मनाली-लेह हाईवे पर स्थित 'घाटा लूप्स' में एक बेहद अनोखा मंदिर है, जहां श्रद्धालु भगवान को फूल या मिठाई की जगह पानी की बोतल चढ़ाते हैं। यह परंपरा 1999 में प्यास से तड़पकर मरे एक ट्रक ड्राइवर की आत्मा की शांति के लिए शुरू हुई थी। हालांकि श्रद्धालुओं द्वारा छोड़ी गई प्लास्टिक की बोतलों से यह नाजुक इको-सिस्टम एक प्लास्टिक डंपिंग यार्ड में बदल चुका है।

Viral Video: लद्दाख के ऊंचे, बर्फीले पहाड़ और घुमावदार रास्ते हर साल लाखों पर्यटकों और एडवेंचर के शौकीनों को अपनी तरफ खींचते हैं। मनाली से लेह जाने वाले हाईवे पर सरचू के आगे एक जगह आती है- घाटा लूप्स । 21 खतरनाक मोड़ों वाली इस पहाड़ी सड़क पर एक बेहद अजीब और भावुक करने वाली परंपरा बरसों से चली आ रही है। यहां के एक छोटे से मंदिर में लोग देवी-देवताओं को फूल, मिठाई या फल अर्पित नहीं करते, बल्कि पानी से भरी प्लास्टिक की बोतलें चढ़ाते हैं। लेकिन, हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस धार्मिक परंपरा और इसके चलते फैल रहे प्लास्टिक कचरे पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

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