जंगल की दुनिया में कब कौन शिकारी बन जाए और कब कोई जानवर खुद शिकार बनने से बच जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। कुछ ऐसा ही रोमांचक नजारा दक्षिण अफ्रीका के साबी सैंड गेम रिजर्व में देखने को मिला। यहां एक मादा तेंदुआ इम्पला के झुंड पर नजर गड़ाए बैठी थी। तेंदुआ करीब 5 मिनट तक बेहद शांति से सही मौके का इंतजार करता रहा, लेकिन आखिर में कुछ पक्षियों की चेतावनी भरी आवाजों ने उसका पूरा प्लान बिगाड़ दिया।
तेंदुए का शिकार बनने से बाल-बाल बचे इम्पाला (X/@up_ka_l_adka)
तेंदुए ने बिछाया जाल
वायरल वीडियो (Viral Video) में जंगल का शांत माहौल दिखाई देता है। सामने इम्पला का झुंड बेफिक्र होकर घूम रहा है। उन्हें शायद इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आसपास कोई शिकारी उन्हें अपना निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। दूसरी तरफ मादा तेंदुआ बेहद सावधानी से छिपकर बैठी नजर आती है। वह न तो तेजी से आगे बढ़ती है और न ही कोई ऐसी हरकत करती है, जिससे इम्पला को उसके होने का पता चल सके। तेंदुआ बस सही मौके का इंतजार करता रहता है।
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तेंदुए की खामोश चाल पर भारी पड़ी पक्षियों की चीख
उसकी पूरी रणनीति देखकर ऐसा लगता है कि अब किसी भी पल हमला हो सकता है। करीब पांच मिनट तक तेंदुआ बिल्कुल शांत रहता है। जंगल में शिकार के दौरान ऐसी खामोशी ही शिकारी की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। अगर शिकार को खतरे का पता चल जाए तो वह पलक झपकते ही भाग सकता है लेकिन तभी कहानी में अचानक बड़ा मोड़ आता है। कुछ पक्षी तेज आवाज में चेतावनी देने लगते हैं। जंगल में पक्षियों की इस तरह की आवाजें अक्सर आसपास मौजूद दूसरे जानवरों को संभावित खतरे के बारे में सतर्क कर सकती हैं।
पक्षियों की एक आवाज ने बचा लिया इम्पाला के झुंड को
इम्पला ने भी इन आवाजों को नजरअंदाज नहीं किया। चेतावनी मिलते ही इम्पला का झुंड सतर्क हो जाता है। जो जानवर कुछ देर पहले तक बेफिक्र नजर आ रहे थे, वे अचानक खतरे को भांपकर वहां से निकलने लगते हैं। तेंदुए के लिए यह मौका हाथ से निकलने जैसा था। तेंदुआ जिस शिकार के लिए इतने समय से इंतजार कर रहा था, वह उसकी आंखों के सामने बचकर निकल गया।
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