Viral Video: आसमान से बरसी आफत और कोयल नदी के उफान ने झारखंड (Jharkhand) के पलामू के कई परिवारों का आशियाना उजाड़ दिया। बाढ़ का पानी जब घरों में घुसा, तो सामान के साथ-साथ कक्षा 5 में पढ़ने वाली मासूम कृतिका की किताबें, कॉपियां और स्टेशनरी भी पानी के तेज बहाव में बह गईं। लेकिन, पानी की धार कृतिका की पढ़ाई के प्रति जिद और हौसले को नहीं बहा सकी। जब परिवार के पास नई किताबें खरीदने के पैसे नहीं थे , तो 10 साल की मासूम कृतिका ने हार नहीं मानी। वह अपनी पड़ोसी आंटी का हाथ थामकर सीधे उपायुक्त के जनता दरबार पहुंच गई।
बच्ची के जज्बे को सलाम
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DC दिलीप प्रताप सिंह के सामने खड़े होकर जब मासूम ने अपनी पूरी व्यथा सुनाई और पूछा— "सर, मेरी किताबें बह गईं, अब पढ़ाई कैसे होगी?" तो DC का दिल पिघल गया। उपायुक्त ने न केवल कृतिका को नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की गाइड, रीजनिंग की किताबें, कॉपियां और चॉकलेट्स भेंट कीं। बल्कि हाथ मिलाकर उसे जीवन का सबसे बड़ा पाठ भी पढ़ाया। DC ने कृतिका को प्रेरित करते हुए कहा कि जिंदगी में खूब मेहनत करनी है बेटा। मेहनत करोगी तो एक दिन DC से भी बड़े पद पर पहुंचोगी। हम लोग भी आज जिस कुर्सी पर बैठे हैं, बहुत संघर्ष करके पहुंचे हैं। जीवन में कभी चुनौतियां आएं तो घबराना मत, रास्ता जरूर निकलता है। जब भी कोई परेशानी हो, पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए। देखें वीडियो...
आंखों में लौटी खोई हुई चमक
नई कॉपियों और किताबों का अंबार देखकर कृतिका के चेहरे पर वह खुशी और चमक लौट आई, जो बाढ़ के पानी में कहीं खो गई थी। पलामू प्रशासन का यह मानवीय चेहरा और एक मासूम की पढ़ाई के प्रति यह अटूट निष्ठा आज सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के दिलों को छू रही है। इतना ही नहीं लोग जहां कृतिका के जज्बे को सलाम कर रहे हैं। वहीं, डीसी द्वारा इस पहल की सराहना भी कर रहे हैं।
