Ajab Gajab: हम आप रोजमर्रा की जिंदगी में कई चीजों का इस्तेमाल रते हैं। इसके जिन चीजों का उपयोग नहीं भी करते हैं, उन्हें भी आस-पास जरूर देखते हैं। कुछ चीजों पर तो ध्यान देते हैं, जबकि कुछ चीजों को पूरी तरह से इग्नोर कर देते हैं। वहीं, कुछ चीजों के बारे में जानकर तो यकीन करना मुश्किल हो जाता है। इसी कड़ी में आज हम आपको लोहे (Iron Fact) को लेकर ऐसी जानकारी देंगे, जिसके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। हमलोग लोहे से बनी चीजों का काफी इस्तेमाल करते हैं। हर घर में आपको लोहे के आइटम जरूर देखने को मिल जाएंगे। लेकिन, कभी सोचा है कि गर्म होते ही लोहा लाल क्यों हो जाता है? इसका जवाब ज्यादातर लोगों को मालूम नहीं होगा।
गर्म लोहा क्यों हो जाता है लाल (तस्वीर साभार- @istock)
आपने भी जरूर देखा होगा कि जब कभी लोहे को गर्म करते हैं, तो वह लाल रंग का दिखने लगता है। आपके मन में भी कभी ना कभी यह सवाल जरूर उठा होगा कि आखिर लाल रंग ही क्यों दिखाई देता है? लेकिन, हो सकता है आपको इसका जवाब ना मिला हो। आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे कि आखिर लाल रंह होने के पीछे का कारण क्या है? दरअसल, यह इस पूरे मामले को ब्लैकबॉडी रेडिएशन कहते हैं। किसी भी वस्तु को जब हम गर्म करते हैं, तो वह ऊर्जा को विद्युत चुंबकीय तरंगों के रूप में छोड़ती है। कम टेंपरेचर पर यह तंरगें इन्फ्रारेड होती हैं, जो आंखों से नहीं दिखती है। तापमान को जैसे-जैसे हम बढ़ाते हैं, तो तरंगों की तरंगदैर्ध्य छोटी हो जाती है। वहीं, लाल रंगी की तरंगदैर्ध्य सबसे लंबी होती है। इसके बाद नारंगी, पीला, हरा, नीला और सबसे छोटी बैंगनी है। लोहे को जब हम गर्म करते हैं, तो यह 500-600 डिग्री सेल्सियस तक गर्म होता है तो सबसे पहले लाल प्रकाश ही निकलना शुरू होता है। इसलिए, लोहा को रेड हॉट भी कहते हैं।
आखिर, गर्म लोहा क्यों हो जाता है लाल (तस्वीर साभार- @istock)
ये है पीछे का साइंस
वैज्ञानिकों के अनुसार, तापमान बढ़ने पर पीक वेवलेंथ छोटी होती जाती है। शुरू में लाल तरंगों की तीव्रता ज्यादा होती है, इसलिए हमारा दिमाग केवल लाल रंग ही देख पाता है। वहीं, तापमान और बढ़ने पर नारंगी और पीली तरंगें भी जुड़ जाती हैं, जिससे रंग नारंगी-पीला हो जाता है। लोहे को गर्म करने पर लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला सभी तरंगें एक साथ निकलती हैं। इन सबके मिश्रण से हमारा आंख सफेद रंग देखती है। यानी हरा रंग निकलता जरूर है, लेकिन दूसरे रंगों के साथ मिलकर सफेद बन जाता है। लिहाजा, लोहा जब गर्म होता है तो केवल लाल रंग ही दिखाई देता है। अन्य रंग दब जाते हैं और हमारी आंखों को दिखाई नहीं देते हैं।
