होर्मुज तो बस शुरुआत है! दुनिया के वो 'डेथ ट्रैप' रूट, जो रोक सकते हैं पेट्रोल-डीजल की सप्लाई

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल के बीच जारी मिसाइल युद्ध ने दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। जब भी तेल संकट की बात आती है, तो सबसे पहले 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) का नाम आता है, लेकिन वैश्विक ईंधन सप्लाई के लिए खतरा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। समुद्र में ऐसे कई संकरे और संवेदनशील रास्ते हैं, जिन्हें 'चोक पॉइंट्स' या 'डेथ ट्रैप' कहा जाता है, जहां से एक भी जहाज का रास्ता रुकना दुनिया भर के पेट्रोल पंपों पर हाहाकार मचा सकता है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और ईरान-इजराइल के बीच जारी मिसाइल युद्ध ने पूरी दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। जब भी इस क्षेत्र में युद्ध की आहट होती है, सबसे पहले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) का नाम सामने आता है, जिसे दुनिया की तेल सप्लाई की लाइफलाइन माना जाता है। लेकिन वैश्विक तेल व्यापार के लिए खतरा सिर्फ होर्मुज तक सीमित नहीं है। समुद्र के सीने पर ऐसे कई संकरे और संवेदनशील रास्ते हैं, जिन्हें 'चोक पॉइंट्स' (Choke Points) या 'डेथ ट्रैप' कहा जाता है। अगर इनमें से एक भी रास्ता किसी युद्ध या विवाद के कारण बंद हुआ, तो दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई ठप हो सकती है और कीमतें आसमान छू सकती हैं।

World's Deadliest Oil Choke Points

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है जरुरी

सबसे पहले बात करते हैं 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की, जिसे ईरान अपनी सबसे बड़ी ताकत मानता है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह संकरा जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण है कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% यहीं से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे बड़े तेल निर्यातक इसी रास्ते पर निर्भर हैं। अगर ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करता है, जैसा कि वह अक्सर धमकी देता है, तो कच्चा तेल $150 प्रति बैरल के पार जा सकता है। लेकिन होर्मुज के बाद दूसरा सबसे बड़ा खतरा 'बाब-अल-मंडेब' (Bab-al-Mandeb) है। यह लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है। यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा इस क्षेत्र में जहाजों पर किए जा रहे हमलों ने पहले ही इस रास्ते को खतरनाक बना दिया है, जिससे यूरोप और एशिया के बीच होने वाला तेल व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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