बिजली बिल की टेंशन से राहत पाने के लिए अब अधिकांश लोग घर में सोलर पैनल लगवाते हैं। सोलर एनर्जी को बढ़ाना देने के लिए केंद्र सरकार 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना'चला रही है। इसका फायदा लेकर आप भी घर में सोलर पैनल लगवा सकते हैं। सोलर पैनल के खर्च, इंस्टालेशन के बारे में अक्सर लोगों को मालूम होता है लेकिन बहुत कम लोग हैं जिनको सोलर पैनल और उसकी बैटरी लाइफ के बारे में मालूम होता है।
सोलर पैनल लगवाकर आप कई सालों के लिए बिजली बिल की टेंशन से फ्री हो सकते हैं।(फोटो क्रेडिट-iStock)
अगर आप सोलर पैनल लगवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको इस बात की जानकारी जरूर कर लेना चाहिए कि कितने साल तक पैनल चलेगा। इसके अलावा बैटरी लाइफ के बारे में भी मालूम करना जरूरी है। आइए आपको इन दोनों ही चीजों के बारे में बताते हैं।
सोलर पैनल की लाइफ कितनी होती है?
आमतौर पर बाजार में मिलने वाले अच्छी क्वालिटी के सोलर पैनल की लाइफ 25 से 30 साल होती है। 25 साल का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि 25 साल पूरे होते ही पैनल बिजली बनाना बंद कर देंगे। दरअसल, कंपनियां 25 साल की 'परफॉर्मेंस वारंटी' देती हैं।
डिग्रेडेशन रेट क्या है?
समय के साथ हर इलेक्ट्रॉनिक चीज की परफॉर्मेंस थोड़ी कम होती है, इसे सोलर की भाषा में डिग्रेडेशन कहते हैं। आधुनिक मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल हर साल लगभग 0.3% से 0.5% तक अपनी क्षमता खोते हैं। 10 साल बाद पैनल लगभग 95% क्षमता से काम करेंगे।
25 साल बाद पैनल की परफॉर्मेंस
कंपनियां गारंटी देती हैं कि पैनल कम से कम 80% से 85% क्षमता के साथ बिजली जनरेट करते रहेंगे। 25 साल के बाद भी आप इसे सालों तक इस्तेमाल कर सकते हैं, बस बिजली का उत्पादन थोड़ा कम हो जाएगा।
सोलर बैटरी कितने साल चलती है?
सोलर पैनल तो 25-30 साल चलते हैं, लेकिन सोलर सिस्टम की बैटरी की लाइफ इतनी लंबी नहीं होती। एक पूरी सोलर लाइफ साइकिल में आपको कम से कम एक या दो बार बैटरी बदलने की जरूरत पड़ सकती है। बैटरी की लाइफ पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस टेक्नोलॉजी की बैटरी इस्तेमाल कर रहे हैं:
सोलर सिस्टम के अन्य पार्ट्स की लाइफ
सोलर सिस्टम में सिर्फ पैनल और बैटरी नहीं, बल्कि कुछ अन्य मुख्य कंपोनेंट्स भी होते हैं। उनकी उम्र भी जानना जरूरी है:
सोलर इनवर्टर (Solar Inverter): यह सिस्टम का दिमाग है। इसकी लाइफ आमतौर पर 10 से 15 साल होती है। यानी 25 साल के सफर में आपको इनवर्टर को एक बार बदलना पड़ सकता है।
माउंटिंग स्ट्रक्चर (GI Structure): जिस लोहे या गैल्वनाइज्ड आयरन के ढांचे पर पैनल टिके होते हैं, वह अच्छी क्वालिटी का हो तो 25 से 30 साल तक बिना जंग लगे टिका रहता है।
वायरिंग और केबल्स: अच्छी क्वालिटी की डीसी (DC) केबल्स 20 से 25 साल तक चलती हैं।
सोलर पैनल और बैटरी की लाइफ बढ़ाने के 4 आसान टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि आपका सोलर सिस्टम अपनी तय उम्र से भी ज्यादा चले, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- पैनलों पर जमी धूल-मिट्टी और चिड़ियों की बीट धूप को रोकती है, जिससे हॉट-स्पॉट बन सकते हैं और पैनल खराब हो सकते हैं। हर 15 दिन में पैनल को साफ पानी से धोएं।
- सुनिश्चित करें कि सोलर पैनल के ऊपर किसी पेड़ या नई बनी बिल्डिंग की परछाई न पड़े।
- बैटरी को सीधे कड़कती धूप या अत्यधिक गर्मी वाली जगह पर न रखें। इन्हें हवादार और ठंडी जगह पर इंस्टॉल करवाएं।
- लेड-एसिड बैटरी को कभी भी 50% से ज्यादा ड्रेन न करें और लिथियम बैटरी के लिए Depth of Discharge (DoD) का ध्यान रखें। इससे बैटरी की लाइफ दोगुनी हो जाती है।
