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UPI Lite चलाने वालों की मौज! अब एक बार में 1000 रु तक कर सकेंगे पेमेंट, वॉलेट लिमिट भी बढ़ी

UPI Lite Payment Rules Change: यूपीआई लाइट के तहत होने वाले लेनदेन इस हद तक ऑफलाइन हैं कि उनमें 'एडिशनल फेक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन' (AFA) की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा लेनदेन से जुड़े अलर्ट भी वास्तविक समय में नहीं भेजे जाते हैं।

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UPI Lite Payment Rules Change

UPI Lite Payment Rules Change: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम के व्यापक प्रसार के लिए बुधवार को 'यूपीआई लाइट' में वॉलेट की लिमिट को बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन की सीमा को 1,000 रुपये कर दिया। यानी अब आप एक बार में यूपीआई लाइट से 1000 रुपये तक की पेमेंट कर सकते हैं। पहले यह लिमिट 500 रुपये थी। वहीं वॉलेट लिमिट को भी बढ़ाया गया है।

क्या होगा फायदा

यूपीआई लाइट के तहत होने वाले लेनदेन इस हद तक ऑफलाइन हैं कि उनमें 'एडिशनल फेक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन' (AFA) की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा लेनदेन से जुड़े अलर्ट भी वास्तविक समय में नहीं भेजे जाते हैं। ऑफलाइन पेमेंट का मतलब ऐसे लेनदेन से है जिसके लिए मोबाइल फोन में इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं होती है।

ऑफलाइन पेमेंट

रिजर्व बैंक ने एक परिपत्र में कहा, "यूपीआई लाइट के लिए बढ़ी हुई सीमा 1,000 रुपये प्रति लेनदेन होगी जिसमें किसी भी समय कुल सीमा 5,000 रुपये होगी।" फिलहाल ऑफलाइन भुगतान में लेनदेन की ऊपरी सीमा 500 रुपये है। इसके साथ किसी भी समय भुगतान साधन पर ऑफलाइन लेनदेन की कुल सीमा 2,000 रुपये है।

रिजर्व बैंक ने ऑफलाइन लेनदेन में छोटे मूल्य के डिजिटल पेमेंट को सुविधाजनक बनाने के लिए जनवरी, 2022 में जारी 'ऑफलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर' के प्रावधानों में बदलाव किया है। केंद्रीय बैंक ने इस साल अक्टूबर में यूपीआई लाइट के आफलाइन पेमेंट की सीमा बढ़ाने की घोषणा की थी।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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