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सावधान! AC कोच में घुसपैठ पड़ेगी अब भारी, रेलवे के डिजिटल टीटीई की रहेगी आप पर नजर

Indian Railways Digital TTE: ट्रेन के एसी (AC) कोच में बिना टिकट या दूसरों की सीट पर कब्जा जमाकर बैठने वालों के दिन अब खत्म होने वाले हैं। भारतीय रेलवे अब 'डिजिटल टीटीई' तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जो कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अवैध यात्रियों की पहचान कर लेगा।

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डिजिटल टीटीई की रहेगी अब आप पर नजर (Photo: iStock)

Indian Railways Digital TTE: अगर आप भी ट्रेन से सफर करते हैं तो ये जानकारी आपके लिए बेहद काम की होने वाली है। दरअसल, भारतीय रेलवे अब ट्रेन में बिना टिकट या गलत टिकट पर यात्रा करने वालों पर नकेल कसने जा रहा है। रेलवे एसी कोच में अवैध यात्रियों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैमरे लगाने जा रहा है। इस तकनीक के जरिए ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों की निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करना आसान हो जाएगा।

नई तकनीक पर चल रहा काम

हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे इस नई तकनीक को पहले कुछ प्रमुख ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करेगा। शुरुआत में वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों के एसी कोच में एआई कैमरे लगाए जाएंगे। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में इसे अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जा सकता है।

डिजिटल टीटीई की रहेगी आप पर नजर

यह सिस्टम एक तरह का रियल-टाइम ऑक्यूपेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम (आरओएमएस) होगा। इसमें साधारण कैमरों की जगह हाई-टेक एआई कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे कोच के गेट, गलियारे और टॉयलेट के पास लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।

तीन चरणों में काम करेगा एआई

इस तकनीक का काम तीन चरणों में होगा। पहला चरण फेस स्कैनिंग का होगा। जब कोई यात्री कोच में प्रवेश करेगा तो कैमरा उसका चेहरा स्कैन करेगा। दूसरा चरण डिजिटल चार्ट से मिलान का होगा। कैमरा द्वारा स्कैन किया गया चेहरा उस कोच के डिजिटल चार्ट में दर्ज यात्रियों की जानकारी से मिलाया जाएगा। अगर किसी यात्री का चेहरा चार्ट में मौजूद नहीं है, तो सिस्टम उसे संदिग्ध यात्री के रूप में पहचान लेगा। तीसरे चरण में यह जानकारी तुरंत रेलवे के कंट्रोल सिस्टम तक भेज दी जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों या टीटीई को अलर्ट मिल जाएगा, जिससे वे तुरंत उस यात्री की जांच कर सकेंगे।

अवैध यात्रा की परेशानी होगी खत्म

रेलवे का मानना है कि इस तकनीक से एसी कोच में बिना टिकट या वेटिंग टिकट पर यात्रा करने वालों की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। साथ ही इससे कोच में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी और यात्रियों को ज्यादा आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

एआई कैमरों की मदद से यात्रा बनेगी सुरक्षित

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक की सटीकता काफी ज्यादा है और यह सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में भी मदद कर सकता है। कुल मिलाकर, एआई कैमरों की मदद से रेलवे ट्रेनों में यात्रा को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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