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एक ही टिकट पर दो दिन यात्रा कर सकते हैं आप, जानिए क्या है रेलवे का ये नियम

Indian Railways: भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। दरअसल, भारत में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेनों में सफर करते हैं। इसके अलावा, देश में अलग-अलग चीजों के ट्रांसपोर्ट में भी भारतीय रेल ही सबसे बड़ा योगदान निभाती है। यही वजह है कि भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है।

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जर्नी ब्रेक के लिए तय करनी होगी कम से कम 500 km की दूरी

Photo : BCCL

Indian Railways: भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। दरअसल, भारत में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेनों में सफर करते हैं। इसके अलावा, देश में अलग-अलग चीजों के ट्रांसपोर्ट में भी भारतीय रेल ही सबसे बड़ा योगदान निभाती है। यही वजह है कि भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। कोरोना काल में हम सभी ने देखा था कि जब भारत में ट्रेनें चलना बंद हो गई थीं तो लगा मानो पूरा देश ठहर गया था। लेकिन महामारी के बीच जब ट्रेनें दोबारा चलनी शुरू हुईं तो देश के आम लोगों ने राहत की सांस ली। आप भी अकसर ट्रेनों में सफर करते होंगे लेकिन क्या आप रेलवे के कुछ जरूरी नियमों के बारे में जानते हैं?

जर्नी ब्रेक के लिए तय करनी होगी कम से कम 500 km की दूरी

भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई तरह के नियम बना रखे हैं। इन्हीं में एक नियम ये भी है कि आप 500 किलोमीटर के सफर में ब्रेक भी ले सकते हैं। यानी अगर आपको ट्रेन से लंबी जर्नी करनी है और आपको लंबी जर्नी किसी भी कारण से पसंद नहीं है तो आप उस जर्नी में एक या दो दिन का ब्रेक भी ले सकते हैं। हालांकि, जर्नी ब्रेक लेने के लिए आपको कम से कम 500 किलोमीटर की यात्रा करनी होगी। 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी वाली यात्रा के लिए आप दो जर्नी ब्रेक भी ले सकते हैं।

दिल्ली से वाराणसी जाते समय लखनऊ में लिया जा सकता है ब्रेक

इस नियम के तहत मान लीजिए आप दिल्ली से वाराणसी जा रहे हैं और आपको करीब 800 किलोमीटर की दूरी तय करनी है। आप लंबी दूरी की रेल यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो आप जब 500 किलोमीटर के बाद लखनऊ पहुंच जाएं तो आप लखनऊ में जर्नी ब्रेक ले सकते हैं और फिर अगले दिन उसी टिकट पर दोबारा लखनऊ से वाराणसी तक की यात्रा कर सकते हैं। बताते चलें कि रेलवे का ये नियम शताब्दी, राजधानी और जन शताब्‍दी एक्‍सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में लागू नहीं होता है।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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