ट्रेन में सफर के दौरान कब-कब खींच सकते हैं चेन, एक गलती पड़ सकती है भारी

बिना उचित कारण के ट्रेन में अलार्म चेन खींचना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे एक साल तक की जेल की सजा, 1,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं।

भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है, जिसमें हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं। ट्रेन से सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए रेलवे कई तरह के नियम और इंतजाम करता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण इंतजाम है ट्रेन के हर डिब्बे में लगी 'अलार्म चेन' (Alarm Chain)। यह चेन आपातकालीन स्थिति (Emergency) में ट्रेन को रोकने के लिए दी जाती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उनकी ट्रेन छूट रही है या कोई छोटा-मोटा कारण है, तो वे चेन खींचकर ट्रेन रोक सकते हैं। लेकिन ऐसा करना भारी पड़ सकता है।

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रेलवे जरूरत पड़ने पर चेन खींचकर ट्रेन रोकने की सहूलियत देता है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

रेलवे के नियमों के मुताबिक, बिना किसी ठोस या वैध कारण के चेन खींचना एक गंभीर अपराध है। एक छोटी सी गलती आपको जेल की हवा खिला सकती है और आपकी टेंशन को कई गुना बढ़ा सकती है। रेलवे अधिनियम (Railways Act, 1989) की धारा 141 के तहत बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे एक साल तक की जेल की सजा, 1,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं। इसलिए, यह जानना बेहद जरूरी है कि वे कौन सी जायज परिस्थितियां हैं, जिनमें ट्रेन की चेन खींची जा सकती है।

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