Investment Options: किसी भी व्यक्ति के जीवन में निवेश बहुत ज्यादा महत्व रखता है। वृद्धावस्था में या तो आपके बच्चे आपका साथ देते हैं या जो आपने धन बचाया है और लंबे काल तक जो निवेश किया है वह बुढ़ापे में आपकी देखभाल करता है। तो यह सर्वसाधारण के लिए आवश्यक है कि वह निवेश की बारीकियां समझे । निवेश को ठीक प्रकार से समझें और अर्जित धन को समुचित तरीके से निवेश करें । यही निवेशक धन आपके बच्चों के लालन-पालन में काम आएगा और साथ ही वृद्धावस्था की आवश्यकताओं की पूर्ति भी करेगा। अपने द्वारा अर्जित धन का उपयोग भी इसी प्रकार करना है ताकि उसमें से निवेश भी हो जिससे वृद्धावस्था में आपको किसी अन्य पर निर्भर रहने की आवश्यकता ना पैदा हो ।
निवेश करते समय इन बातों को समझना जरूरी है
निवेश करने के पहले यह सोच लें कि आप चल- अचल संपत्ति में कहां कैसे निवेश करेंगे। बॉन्ड्स खरीदेंगे या शेयर में पैसे लगाएंगे। अगर शेयर में पैसे लगाएंगे, तो बड़ी या छोटी या मध्यम किस कंपनी में निवेश करेंगे।
निवेश के कई विकल्प
निवेश करते समय यह समझना आवश्यक है कि निवेश के जो भी विकल्प हैं, चाहे वह चल संपत्ति हो या अचल संपत्ति, सबकी अपनी - अपनी विशिष्टताएं हैं। कोई व्यक्ति जायदाद बना सकता है। यानी अचल संपत्ति का निर्माण कर सकता है । सोने और चांदी (Gold Silver) में निवेश कर सकता है। किसी कमोडिटी में निवेश कर सकता है। बॉन्ड्स में निवेश कर सकता है। शेयर में निवेश कर सकता है। शेयरों में भी बड़ी कंपनियों में निवेश कर सकता है, मध्यम वर्ग की कंपनियों में निवेश कर सकता है और लघु उद्योग की कंपनियों में भी निवेश कर सकता है। निवेश करने के पहले इन मूल अवधारणाओं को समझना आवश्यक है।
निवेश के विकल्प में रिस्क को समझना जरूरी
- हर निवेश की ट्रेड साइकिल है। कोई कम रिटर्न कोई अधिक रिटर्न देता है और इसके भी कारण हैं। ट्रेड साइकिल अलग-अलग प्रकार की होती हैं-
- पहला- रिस्क, दूसरा- लिक्विडिटी और तीसरा रिटर्न। हर प्रकार के निवेश के विकल्प का जो रिटर्न लिक्विडिटी प्रोफाइल है, वह अलग-अलग प्रकार का होता है। यह भी समझना आवश्यक है कि हर निवेश की एक ट्रेड साइकिल है। कभी एक निवेश का विकल्प रिटर्न देता है । दूसरे निवेश का विकल्प अधिक रिटर्न देता है।
- मार्केट में जो इंटरेस्ट रेट है उसका बॉन्ड मार्केट के प्राइस पर प्रभाव पड़ता है। ब्याज दर का शेयर मार्केट पर भी प्रभाव पड़ता है । हर प्रकार के शेयर के जो विकल्प हैं उनकी ट्रेड साइकिल अलग-अलग प्रकार की है । यह सारी ट्रेड साइकिल एक दूसरे के समानांतर नहीं हैं । जब यह ट्रेड साइकिल नीचे होती है तो उसी समय दूसरे विकल्प ऊंचाई पर होते हैं। इसी प्रकार से हर निवेश के विकल्प की उतार-चढ़ाव की प्रक्रिया चलती रहती है ।
- तीसरी आवश्यक बात है विकल्पों के ट्रेड साइकिल को समझना। यह समझें कि कोई भी निवेश हमेशा ऊपर नहीं जाएगा । ऊपर जाकर एक उच्चतम स्तर बनाने के बाद नीचे आएगा। जब नीचे का निम्नतम स्तर बन जाएगा तो फिर वह ऊंचाई की तरफ चलेगा । तो अपने अर्जित धन का निवेश इन सबको समझ कर और ट्रेड साइकिल का ध्यान रखते हुए करना होगा।
हर निवेश के risk-return और लिक्विडिटी प्रोफाइल अलग
अपनी आवश्यकताएं और विशेषताएं समझें तथा उसके अनुसार निवेश का विकल्प चुनें। युवा, प्रौढ़ और वृद्ध सभी के लिए निवेश जरूरी लेकिन कब निवेश करना और कब बाहर आना यह समझना भी उतना ही आवश्यक है।
निवेश करने वाले को यह भी समझना जरूरी है कि हर निर्देशित विकल्प के Risk-Return लिक्विडिटी प्रोफाइल अलग-अलग हैं । अपने जीवन की आवश्यकताओं को समझ कर किसी भी निवेशक को यह निर्णय लेना होगा कि वह कौन से विकल्प चुनता है। निवेश का विकल्प तब चुनना अधिक लाभकारी होगा जब वो ट्रेड साइकिल अपने निम्नतम स्तर पर है । इसी तरह उस समय उस विकल्प से निकल जाना बेहतर होगा जब वो ट्रेड साइकिल अपने उच्चतम स्तर पर है। लंबे समय तक निवेशक रहना अपने वृद्धावस्था के लिए एक अच्छा धनराशि उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है। युवाओं से यह अपेक्षित है कि वह अपने जीवन के प्रारंभिक काल से निवेश करना शुरू करें, ट्रेड साइकिल को समझें ,risk-return लिक्विडिटी के प्रोफाइल को समझें ताकि उन्हें आगे किसी प्रकार की आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े।
वास्तव में निवेश सभी के लिए आवश्यक है और किसी भी उम्र में आप इसकी शुरुआत कर सकते हैं। युवा और बुजुर्ग सभी के लिए निवेश के विकल्प है और आज की परिस्थिति में जीवन की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है।
(Disclaimer: यहां टाइम्स नाउ नवभारत द्वारा किसी भी योजना में निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। यह सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी योजना में निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)
