Maha Kumbh Mela 2025: अगले साल जनवरी में होने वाले सबसे बड़े धार्मिक आयोजन कुंभ (Maha Kumbh Mela 2025) की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रयागराज में होने वाले आयोजन में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों के लिए रसद, कानून प्रवर्तन और सुविधाओं का निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करना है। महाकुम्भ मेला 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित एवम् सुविधाजनक यात्रा के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें सरकारी परिवहन के साथ-साथ निजी परिवहन सेवा प्रदाता भी पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा महाकुंभ में टेक्नोलॉजी का भी खूब इस्तेमाल देखने को मिलेगा। यहां एप की मदद से ई-रिक्शा और ई-ऑटो बुक करने से लेकर गूगल वायस असिस्टेंट की मदद तक ली जाएगी। चलिए जानते हैं महाकुंभ में तीर्थयात्रियों के लिए क्या-क्या सुविधाएं मिलने वाली हैं।
ऐप से बुक कर सकेंगे ई रिक्शा और ई ऑटो बुकिंग
महाकुम्भ के लिए प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर लोकल ट्रांसपोर्ट देने ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई रिक्शा और ई ऑटो बुकिंग की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा ओला-ऊबर की तर्ज पर तैयार की गई है। इन ई व्हीकल्स के ड्राइवर्स पूरी तरह ट्रेन्ड और वेल बिहेव्ड होंगे। साथ ही इसमें पिंक टैक्सी की भी सुविधा होगी, जिसमें महिलाएं चालक होंगी। चालक मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगे। 15 दिसंबर से इन सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
ड्राइवर्स को मिल रही ट्रेनिंग
महाकुम्भ के दौरान प्रयागराज में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। सरकार की ओर से इन श्रद्धालुओं को प्रयागराज लाने के लिए 7000 से अधिक रोडवेज बसों और 550 शटल बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है, जबकि रेलवे भी करीब 1000 अतिरिक्त ट्रेनों के साथ ही कुल 3 हजार ट्रेनें चलाने जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं सभी ड्राइवरों को श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। हिंदी या अंग्रेजी जैसी भाषाई दिक्कत को खत्म करने के लिए सभी ड्राइवरों को गूगल वॉइस असिस्टेंस की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। यह ई व्हीकल्स रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, हवाई अड्डा एवं सभी होटलों से आराम से उपलब्ध होंगे।
ग्रीन महाकुंभ 2025
कॉम्फी ई मोबिलिटी की फाउंडर और डायरेक्टर मनु गुप्ता ने बताया कि महाकुम्भ मेले में देश-विदेश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को एप आधारित ई रिक्शा टैक्सी सर्विस प्रदान की जाएगी। 300 ई रिक्शा के साथ पूरे प्रयागराज एवं कुंभ मेला में इसकी शुरुआत की जा रही है। सभी ई रिक्शा और ऑटो GPS सिस्टम से ट्रैक किए जाएंगे, जबकि यह पूरी तरह फिट और कवर्ड भी होंगे। चालक तय किराए से ज्यादा किराया नहीं वसूली नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा श्रद्धालु कॉल सेंटर भी बनाया गया है, जो किसी भी तरह की असुविधा होने पर उनकी मदद के लिए तैयार रहेगा।
