Credit Card EMI Purchases: आजकल क्रेडिट कार्ड से EMI यानी मासिक किस्त पर खरीदारी करना आम हो गया है। यह सुविधा लोगों को बड़े खर्च को छोटे-छोटे मासिक किस्तों में बांटने की सहूलियत देती है। लेकिन अगर सही जानकारी न हो, तो यह सुविधा आर्थिक नुकसान का कारण भी बन सकती है। यहां हम आपको इससे संबंधित पूरी जानकारी दे रहे हैं।
EMI पर खरीदारी का गणित
क्रेडिट कार्ड EMI (Equated Monthly Installment) एक ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए ग्राहक अपनी बड़ी खरीदारी को आसान मासिक किस्तों में बदल सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति ₹30,000 का स्मार्टफोन खरीदता है और इसे 6 महीने की EMI में बदलता है, तो उसे हर महीने करीब ₹5,000 चुकाने होंगे। हालांकि, यह सुविधा हर बैंक में अलग-अलग नियमों और शर्तों के साथ आती है।
ब्याज दर और अतिरिक्त शुल्क पर रखें नजर
EMI पर खरीदारी करने से पहले ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस को समझना बेहद जरूरी है। आमतौर पर EMI की ब्याज दर 1.5% प्रति माह से शुरू होती है, जो सालाना 18% या उससे अधिक हो सकती है। कुछ बैंक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी देते हैं, लेकिन इसमें हिडन फीस हो सकती है। इसके अलावा, कई बार प्रोसेसिंग फीस भी ली जाती है, जो ₹99 से ₹500 तक हो सकती है। यानी आपको EMI कराने से पहले इसे अच्छे से पता कर लेना चाहिए।
क्रेडिट स्कोर पर असर
EMI का भुगतान समय पर करने से क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है, जिससे भविष्य में लोन लेना आसान हो सकता है। लेकिन अगर EMI चुकाने में चूक हुई, तो यह क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही, EMI लेने से क्रेडिट कार्ड की लिमिट का कुछ हिस्सा ब्लॉक हो जाता है, जिससे खर्च करने की क्षमता प्रभावित होती है।
नो-कॉस्ट EMI का सच
कई बार नो-कॉस्ट EMI का ऑफर दिया जाता है, लेकिन इसमें छिपे हुए शुल्क हो सकते हैं। अक्सर, बैंक और रिटेलर्स इस लागत को प्रोडक्ट की कीमत में जोड़ देते हैं, जिससे ग्राहक को वास्तविक बचत नहीं होती। सबसे गंभीर बात यह है कि EMI की किसी एक किस्त का समय पर भुगतान न करने पर आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। साथ ही, बैंक उस पर पेनल ब्याज वसूल सकता है, जो सालाना 36% से 42% तक भी हो सकता है।
- EMI लेने से पहले ब्याज दर और अतिरिक्त शुल्क की पूरी जानकारी लें।
- अपनी मासिक आय और खर्चों का सही आकलन करें।
- समय पर EMI भुगतान करें ताकि क्रेडिट स्कोर प्रभावित न हो।
- नो-कॉस्ट EMI के नियमों को ध्यान से पढ़ें।
