यदि आपकी गाड़ी पर भी कई सारे लंबित ट्रैफिक चालान हैं, तो उन्हें माफ करवाने का आपके पास शानदार मौका है। दिल्ली में 9 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जहां वाहन मालिक अपने चालान कम जुर्माने पर या कुछ मामलों में माफ करवाकर निपटा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य छोटे ट्रैफिक मामलों का जल्दी और आपसी सहमति से समाधान करना है।
चालान माफ करवाने का शानदार मौका, 9 मई को दिल्ली में लगेगी लोक अदालत
कब और कहां लगेगी लोक अदालत
नेशनल लोक अदालत 9 मई 2026 को दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों में आयोजित होगी। इनमें कड़कड़डूमा, साकेत, पटियाला हाउस, राउज एवेन्यू, द्वारका, रोहिणी और तीस हजारी कोर्ट शामिल हैं। अदालत की कार्यवाही सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी, जिससे लोग अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी कोर्ट में पहुंच सकते हैं।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन
लोक अदालत में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 4 मई से 7 मई 2026 तक सुबह 10 बजे से शुरू होगी। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat पर जाकर स्लॉट बुक करना होगा।
हर दिन 50,000 चालानों के लिए टोकन जारी किए जाएंगे और कुल सीमा 2 लाख चालानों की तय की गई है। स्लॉट बुक करने के बाद आवेदक को चालान की कॉपी डाउनलोड कर प्रिंट निकालना होगा और टोकन नंबर सहित अपॉइंटमेंट लेटर साथ रखना जरूरी होगा।
किन चालानों का होगा निपटारा
लोक अदालत में केवल छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों से जुड़े चालान ही निपटाए जाएंगे। इनमें बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप करना और गलत पार्किंग जैसे मामले शामिल हैं, हालांकि शराब पीकर गाड़ी चलाना, हिट एंड रन या बड़े सड़क हादसों से जुड़े मामलों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही, केवल 31 जनवरी 2026 तक जारी चालान ही इस लोक अदालत में निपटाए जा सकेंगे।
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
लोक अदालत में जाते समय चालान और अपॉइंटमेंट लेटर की प्रिंटेड कॉपी साथ ले जाना अनिवार्य है। तय समय पर कोर्ट पहुंचना जरूरी होगा। वहां जज मामले की सुनवाई करेंगे और उल्लंघन के आधार पर जुर्माना कम या माफ कर सकते हैं। अगर जुर्माना लगाया जाता है, तो उसे तुरंत काउंटर पर जमा करना होगा। निपटारे के बाद चालान रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।
वाहन चालकों के लिए राहत का मौका
यह पहल दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस ऑथरिटी द्वारा की जा रही है, जो वाहन चालकों को लंबित चालानों से छुटकारा पाने का आसान और समय बचाने वाला विकल्प देती है। इससे न केवल कानूनी झंझट कम होंगे, बल्कि भविष्य में होने वाली परेशानियों से भी बचा जा सकेगा।
