10 July History: पाकिस्तान-बांग्लादेश के लिहाज से बेहद खास है 10 जुलाई की तारीख, इतिहास में दर्ज हैं कई घटनाएं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 10, 2021, 05:45 AM IST

Aaj Ka Itihas, 10 July: पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के लिहाज से 10 जुलाई की तारीख बेहद खास है तो इस दिन इतिहास में कई अन्‍य घटनाएं भी दर्ज हैं। जानिए क्या है आज का इतिहास : 

10 July History: पाकिस्तान-बांग्लादेश के लिहाज से बेहद खास है 10 जुलाई की तारीख, इतिहास में दर्ज हैं कई घटनाएं

नई दिल्ली : दस जुलाई का दिन कहने को तो 24 घंटे का एक सामान्य सा दिन ही है, लेकिन इतिहास के झरोखे में झांकें तो इस तारीख के नाम पर बहुत सी अच्छी बुरी घटनाएं दर्ज हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण घटना हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश के बारे में है। दरअसल भारत के हाथों 1971 में पाकिस्तान को मिली हार के बाद पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र हुआ था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे एक स्वतंत्र राष्ट्र मानने में दो साल का वक्त लगा दिया। 1973 में पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली ने आज ही के दिन बांग्लादेश को स्वतंत्र देश स्वीकारने वाला प्रस्ताव पारित किया।

10 जुलाई की तारीख पर इतिहास में दर्ज अन्य घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1246 : नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुआ।
1624 : हॉलैंड और फ्रांस के बीच स्पेन विरोधी संधि पर हस्ताक्षर।
1848 : न्यूयॉर्क और शिकागो के बीच पहला टेलीग्राफ लिंक शुरू।
1907 : फ्रांस और जापान के बीच चीन की स्वतंत्रता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर।
1946 : राजशाही खत्म होने के बाद इटली गणतांत्रिक राष्ट्र बना।
1965 : महिलाओं के लिए पहला एनसीसी कालेज ग्वालियर में खुला।
1966 : वायु सेना के लड़ाकू विमान 'मिग' का महाराष्ट्र के नासिक जिले में निर्माण शुरू।
1972 : मुम्बई के मडगाँव बंदरगाह से पूर्ण वातानुकूलित पोत हर्षवर्धन का जलावतरण।
1983 : ब्रिटेन में मार्गरेट थैचर पुन: प्रधानमंत्री बनीं।
1986 : भारत ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर लॉर्ड्स में पहली टेस्ट जीत हासिल की।
1999 : जेनेवा में अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन की शुरुआत।
2002 : पाकिस्तान ने विश्व की दूसरी सबसे ऊंची चोटी के-2 का नाम बदलकर 'चोगोरी' अथवा 'शाहगोरी' कर दिया।
2005 : भारत और श्रीलंका में शिक्षा एवं सामुदायिक विकास से सम्बद्ध दो समझौतों पर हस्ताक्षर।
2008 : केन्द्र सरकार ने तीनों सेनाओं के लिए 'एकीकृत स्पेस सेल' की घोषणा की।
 













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