Travel Trend: आजकल लगभग हर घूमने-फिरने की जगह पर आपको युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिल जाएगी। कोई बीच पर जा रहा है, कोई हिल स्टेशन, लेकिन अब एक नया ट्रेंड Gen Z के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है जिसका नाम है- 'स्पिरिचुअल ट्रैवल'। धार्मिक और आध्यात्मिक जगहों की तरफ Gen Z का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और अब उनके लिए घूमना-फिरना सिर्फ पार्टी करने तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि वो ऋषिकेश, तिरुपति, उज्जैन, केदारनाथ, तुंगनाथ और वाराणसी जैसी जगहों की ओर भी जा रहे हैं।
अब ट्रैवल का मतलब सिर्फ मजे करना नहीं रह गया है। युवा ऐसे ट्रिप्स चाहते हैं जो उन्हें सुकून, शांति और कुछ मतलब भी दे। इसलिए मंदिरों और तीर्थ स्थलों की ओर उनका झुकाव बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 53% स्पिरिचुअल ट्रैवलर युवा (Gen Z और मिलेनियल्स) हैं। यानी अब इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा हिस्सा युवाओं का है।
Gen Z आखिर जा कहां रहा है घूमने?
भारत के युवा अब धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं की तरफ तेजी से लौट रहे हैं। अब Gen Z सिर्फ ट्रेंडिंग जगहों पर नहीं जा रहा, बल्कि मंदिरों वाले शहरों, तीर्थ यात्राओं और उन रास्तों पर भी सफर कर रहा है जो आस्था, परिवार और संस्कृति से जुड़े हैं। पहले लोग बचपन में परिवार के साथ ही धार्मिक यात्रा पर निकलते थे। अब वही Gen Z खुद अपनी मर्जी से इन यात्राओं को दोबारा अपना रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु-तिरुपति रूट अब Gen Z के बीच सबसे बड़े आध्यात्मिक ट्रैवल रूट्स में से एक बन चुका है, जहां लाखों युवा सफर कर रहे हैं। इसी तरह हैदराबाद-तिरुपति, दिल्ली-ऋषिकेश, पुणे-नांदेड़, चेन्नई-तंजावुर और इंदौर-उज्जैन जैसे रूट्स पर भी युवाओं की भीड़ बढ़ रही है। दिलचस्प बात ये है कि यह कोई नए टूरिस्ट स्पॉट नहीं हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब इन रास्तों पर चलने वाले लोग बदल गए हैं। अब यहां ज्यादा युवा सफर कर रहे हैं।
नया फैशन बन गया है स्पिरिचुअल ट्रैवल (फोटो: canva/AI)
ट्रैवल को नए तरीके से कैसे परिभाषित कर रहा है भारतीय Gen Z
आजकल युवाओं के लिए घूमने का मतलब सिर्फ जगहें देखने या लिस्ट में डेस्टिनेशन टिक करने तक सीमित नहीं है। अब ट्रैवल का मतलब ऐसे अनुभव लेना है जो मायने रखने वाले और अपनी पहचान से जुड़े हों। वीकेंड ट्रिप पर ऋषिकेश जाना अब सिर्फ घूमने के लिए नहीं होता बल्कि लोग गंगा आरती में शामिल होते हैं, योग सेंटर एक्सप्लोर करते हैं और नदी किनारे समय बिताते हैं। इसी तरह उज्जैन की यात्रा में मंदिर दर्शन के साथ-साथ इतिहास, वास्तुकला और लोकल खाने को भी लोग एक्सप्लोर कर रहे हैं। यानी अब यात्रा सिर्फ टूरिज्म नहीं, बल्कि एक पूरा अनुभव बन गई है।
एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि आध्यात्मिक यात्रा में जेंडर गैप भी दिखता है। लगभग 69% युवा धार्मिक यात्रियों में पुरुष होते हैं, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 31% है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब लोग यात्राएं काफी जल्दी-जल्दी और बिना ज्यादा प्लानिंग के कर रहे हैं। पहले तीर्थ यात्राएं हफ्तों पहले तय होती थीं, लेकिन अब कई लोग सिर्फ कुछ घंटों के अंदर ही टिकट बुक कर लेते हैं। 2022 में जहां ऐसे आखिरी समय में बुकिंग सिर्फ 16% थीं, वहीं 2026 में यह बढ़कर लगभग 23% तक पहुंच गई है। यानी हर चार में से एक आध्यात्मिक यात्रा अब तुरंत या बहुत कम समय में तय हो रही है।
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ट्रैवल को नए तरीके से परिभाषित कर रहा है Gen Z (फोटो: canva/AI)
भारत के टॉप स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन कौन से हैं?
विविधता से भरे देश भारत में कई ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक स्थान हैं जो अपनी गहरी आस्था, इतिहास और संस्कृति के लिए फेमस हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इन जगहों पर दर्शन और अनुभव के लिए आते हैं।
भारत के टॉप स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन में शामिल हैं:
- वाराणसी
- तिरुपति
- पुरी
- अमृतसर
- हरिद्वार
इन सभी जगहों की खास बात यह है कि ये सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं हैं, बल्कि भारत की संस्कृति, आस्था और इतिहास को करीब से महसूस करने का अनुभव भी देते हैं।
टॉप स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन (फोटो: canva/AI)
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Gen Z की ट्रैवल पसंद को कैसे बदल रही है टेक्नोलॉजी?
टेक्नोलॉजी ने Gen Z के ट्रैवल करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। मोबाइल और इंटरनेट की मदद से अब ट्रिप प्लान करना बेहद आसान हो गया है। इसके अलावा युवा AI और ट्रैवल ऐप्स की मदद से भी मिनटों में यात्रा का पूरा प्लान (कहां जाना है, क्या देखना है, और कितने दिन रुकना है) बना लेते हैं। टेक्नोलॉजी ने ट्रैवल को आसान, तेज और ज्यादा पर्सनल बना दिया है। इसी वजह से Gen Z के ट्रैवल करने के तरीके में भी बदलाव आया है।
