Andaman and Nicobar seaplanes: भारत के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक अंडमान और निकोबार द्वीप की खूबसूरत में चार चांद लगने को हैं। आपके अनुभव को और भी ज्यादा शानदार बनाने के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पहली बार समुद्री विमान सेवा शुरू करने जा रहा है। मालूम हो कि मालदीव इन समुद्री विमानों के लिए जाना जाता है जो पर्यटकों को इसी के माध्यम से गंतव्य तक ले जाता है।
अंडमान और निकोबार की सीप्लेन सेवाओं का लक्ष्य भी कुछ ऐसा ही होने वाला है। यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नई पहल UDAN जिसका मतलब उड़े देश का आम नागरिक है के तहत शुरू की गई एक निजी स्वामित्व वाली सेवा है। ऐसे में इस द्वीप की यात्रा करने वाले पर्यटकों का अनुभव काफी ज्यादा बेहतर होने वाला है।
पोर्ट ब्लेयर से कैंपबेल बे तक, पोर्ट ब्लेयर से कार निकोबार, पोर्ट ब्लेयर से हैवलॉक द्वीप (जिसे स्वराज द्वीप भी कहा जाता है), पोर्ट ब्लेयर से नील द्वीप (जिसे शहीद द्वीप भी कहा जाता है) और पोर्ट ब्लेयर से हटबे (छोटा अंडमान) को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्रस्तावित समुद्री विमान सेवाओं में शामिल किया गया है।
बता दें कि निकोबार द्वीप समूह को हाल ही में केंद्र द्वारा 72,000 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट परियोजना के कारण खबरों में था। सरकार के इस पहल के बाद कुछ लोगों को ये डर सता रहा था कि अगर ऐसा हुआ तो इससे शोमपेन विस्थापित हो सकते हैं। केवल 244 की आबादी के साथ शोम्पेन संपर्क रहित खानाबदोश शिकारी हैं जो इसी द्वीप पर रहते हैं।
