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अब नहीं बजेगी स्पैम कॉल की घंटी! TRAI का DND 3.0 ऐप बना मोबाइल यूजर्स का सुपरहीरो, ऐसे करें इस्तेमाल

DND 3.0 App: TRAI DND 3.0 ऐप डिजिटल इंडिया के युग में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मोबाइल यूजर्स को अपनी प्राइवेसी की सुरक्षा और बेहतर अनुभव मिलेगा। अब हर कॉल आपकी मर्जी से होगी न कि कंपनियों की।

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TRAI DND 3.0 App

DND 3.0 App: दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मोबाइल यूजर्स को स्पैम कॉल और अनचाहे प्रमोशनल मैसेज से राहत दिलाने के लिए TRAI DND 3.0 ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप की मदद से आम यूजर्स अब आसानी से इन परेशान करने वाले कॉल्स और मैसेज की शिकायत कर सकते हैं और अपनी पसंद के अनुसार प्रमोशनल कंटेंट को ब्लॉक भी कर सकते हैं। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस ऐप की कार्यक्षमता को लेकर जानकारी दी है और बताया कि TRAI DND 3.0 ऐप स्पैम कंट्रोल में प्रभावी साबित हो रहा है।

क्या है TRAI DND 3.0 ऐप?

TRAI DND 3.0 ऐप एक ऐसा टूल है जो यूजर्स को अनचाही कॉल्स और मैसेज से बचाने में मदद करता है। बैंक, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, एजुकेशन और एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों से आने वाले प्रचारात्मक कॉल्स अब यूजर्स की मर्जी पर निर्भर करेंगे।

ऐप कैसे करता है काम?

डाउनलोड और इंस्टॉलेशन: Android यूजर्स इसे गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से और iOS यूजर्स एप्पल एप स्टोर (Apple App Store) से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन और लॉगिन: ऐप खोलने के बाद यूजर को अपने मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होता है और OTP के जरिए वेरिफिकेशन करना होता है।

DND एक्टिवेशन: लॉगिन के बाद 'DND Preferences' ऑप्शन के तहत यूजर चुन सकते हैं कि वे किन कैटेगरी से कॉल या मैसेज प्राप्त करना चाहते हैं और किनसे नहीं। इन कैटेगरी में रियल एस्टेट, स्वास्थ्य, शिक्षा, एंटरटेनमेंट आदि शामिल हैं।

स्पैम रिपोर्टिंग: अगर DND एक्टिवेट करने के बावजूद स्पैम कॉल या मैसेज आता है, तो यूजर 'Report Spam' फीचर से उसकी शिकायत सीधे TRAI को कर सकते हैं।

स्टेटस ट्रैकिंग: ‘Registration Status’ ऑप्शन के जरिए यूजर यह देख सकते हैं कि उनकी DND रिक्वेस्ट लागू हुई है या नहीं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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