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डिजिटल संचार आयोग को भंग करने की तैयारी, DoT में फैसलों की प्रक्रिया बदलने की तैयारी

फिलहाल DoT ने DCC को भंग करने के लिए कैबिनेट मंजूरी की प्रक्रिया शुरू की है। अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही लागू होगा।

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पहले दूरसंचार आयोग के नाम से जाना जाता था DCC

केंद्र सरकार दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने वाली अंतर-मंत्रालयी संस्था डिजिटल संचार आयोग (DCC) को भंग करने की तैयारी कर रही है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। PTI/भाषा के मुताबिक एक आधिकारिक सूत्र ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

पहले दूरसंचार आयोग के नाम से जाना जाता था DCC

डिजिटल संचार आयोग को पहले दूरसंचार आयोग के नाम से जाना जाता था। इसका गठन 1989 में किया गया था। बाद में 2018 में इसका नाम बदलकर डिजिटल संचार आयोग कर दिया गया। यह आयोग दूरसंचार क्षेत्र की नीतियों और बड़े वित्तीय प्रभाव वाले मामलों पर निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। स्पेक्ट्रम की कीमत तय करने और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI की सिफारिशों पर फैसला लेने जैसे कई अहम मामले इसके दायरे में आते थे।

कैबिनेट मंजूरी की प्रक्रिया शुरू

आधिकारिक सूत्र के मुताबिक, डिजिटल संचार आयोग को भंग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए कैबिनेट प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस फैसले पर अंतिम मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से दी जानी बाकी है। DCC की अध्यक्षता दूरसंचार सचिव करते हैं। आयोग में दूरसंचार विभाग के चार पूर्णकालिक सदस्य और सरकार के संबंधित विभागों के चार अंशकालिक सदस्य शामिल होते हैं। अंशकालिक सदस्य आमतौर पर भारत सरकार में सचिव स्तर के अधिकारी होते हैं।

कई महत्वपूर्ण पद पहले से खाली

सूत्र के अनुसार, आयोग में पदेन सदस्यों के तौर पर शामिल सदस्य (प्रौद्योगिकी) और सदस्य (सेवाएं) के पद फिलहाल खाली हैं। सरकार की इन दोनों पदों को भरने की कोई योजना नहीं बताई गई है। वहीं, सदस्य (वित्त) मनीष सिन्हा अगले साल फरवरी में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में आयोग के मौजूदा ढांचे को लेकर बदलाव की तैयारी तेज होती दिखाई दे रही है।

DCC भंग होने के बाद कैसे होंगे फैसले?

अगर केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद डिजिटल संचार आयोग को भंग कर दिया जाता है, तो दूरसंचार विभाग में फैसले लेने की प्रक्रिया बदल जाएगी। सूत्र के मुताबिक, इसके बाद DoT के भीतर अंतिम निर्णय दूरसंचार सचिव लेंगे। इसके बाद जरूरत के अनुसार मामलों को संबंधित मंत्री और फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

स्पेक्ट्रम और TRAI के फैसलों पर रही है अहम भूमिका

डिजिटल संचार आयोग देश के टेलीकॉम सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण संस्था रहा है। यह स्पेक्ट्रम की कीमत से जुड़े मामलों और TRAI की सिफारिशों पर फैसला लेने में भूमिका निभाता था। इसलिए इसके भंग होने के बाद दूरसंचार क्षेत्र में बड़े फैसलों की प्रशासनिक प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल DoT ने DCC को भंग करने के लिए कैबिनेट मंजूरी की प्रक्रिया शुरू की है। अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही लागू होगा।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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