कोरोना वायरस से जुड़ी ये 5 चीजें, आपको भूलकर भी गूगल पर सर्च नहीं करनी चाहिए

Coronavirus pandemic: देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच ये 5 चीजें गूगल पर बिलकुल भी सर्च न करें।

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सांकेतिक फोटो  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • देश में कोरोना वायरस के कारण 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है
  • कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से लोग डरे हुए हैं
  • कोरोना से जुड़ी ये 5 चीजें गूगल पर भूलकर भी न सर्च करें

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस खतरनाक वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया है। लॉकडाउन में लोगों के घरों से बेवजह बाहर निकलने पर पाबंदी है और उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, इस दौरान साइबर क्राइम का खतरा बढ़ गया है। लोग कोरोना से डरे हुए हैं जिसके चलते वो इससे संबंधित कई चीजें ऑनलाइन सर्च कर रहे हैं। स्कैमर्स लोगों में इस डर का भरपूर फाएदा उठा रहे हैं। आज के समय में हर समस्या का हल गूगल है। कुछ सर्च करना है तो गूगल है। लेकिन  कोरोना संकट की इस घड़ी में गूगल पर सतर्कता बरतने की काफी जरूरत है। आइए जानते हैं कि कौन से 5 गूगल सर्च आपको मुश्किल में डाल सकते हैं। 

  1. कोरोना वायरस का इलाज अभी तक नहीं मिल सका है। इस वायरस की कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी है। ऐसे में कई लोग ऑनलाइन करोना की दवा सर्च कर कर रहे हैं जिसकी वजह से वो परेशानी में पड़ सकते हैं। कई ऐसे फर्जी प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे हैं, जो कोरोना से ठीक करने का दावा कर रहे हैं। अगर ऑनलाइन कोई इस संक्रमण से ठीक होने की दवाएं बेच रहा है तो उस वेसबसाइड या लिंक पर क्लिक पर क्लिक न करें।
  2. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने का एकमात्र उपाए सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई है। लोगों को दिन में कई बार हाथों पर सैनिटाइजर के इस्तेमाल की सलाह दी गई है ताकि कीटाणुओं और बैक्टीरिया से बचा जा सके। साथ ही सैनिटाइजर न होने की सूरत में साबुन का बार-बार इस्तेमाल करने को कहा गया है। ऐसे में वायरस को मारने के लिए कई ऑनलाइन फेक क्लीनिंग प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे हैं। तरह-तरह के दावों के साथ बेचे जा रहे इन प्रोडक्ट्स को खरीदने से बचें और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की गाइडलाइन को जरूर देखें।
  3. किसी मरीज में कोरोन के लक्षण जाहिर में थोड़ा वक्त लगता है। लक्षण दिखने पर डॉक्टर्स की सलाह से ही अस्पताल में कोरोना टेस्ट किया जाता है। इसके बाद रिपोर्ट से पता चलता है कि मरीज कोरोना वायरस पॉजिटिव है या निगेटिव। हालांकि, इस बीच ऑनलाइन कोरोना टेस्ट किट बेचने का दावा किया जा रहा है ताकि कोई शख्स घर पर यह टेस्ट कर सके। बता दें कि घर पर किट मंगा कर खुद टेस्ट करना खतरनाक हो सकता है। इससे आप बड़ी मुसीबत में घिर सकते हैं। कोरोना का शक होने पर अस्पताल जाना ही सबसे बेहतर विकल्प है। 
  4. कोरोना के फैलने के बाद ऑनलाइन कई ऐसे वीडियो अपलोड किए गए हैं जिसमें इस वायरस से ठीक होने का इलाज और नुस्खे बताए गए हैं। गूगल ने कई फर्जी वीडियो के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है और उन्हें अपने यूट्यूब प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। अगर आप भी ऐसे वीडियो सर्च कर रहे हैं तो इससे बचें। ऐसे फर्जी वीडियो आपकी परेशानी घटाने के बजाए काफी बढ़ा सकते हैं।
  5. इस वक्त ऑनलाइन स्पैम और फिशिंग ईमेल की बाढ़ हुई है। इनमें प्रतिष्ठित संस्थान का नाम इस्तेमाल कर फर्जी उपाए और सलाह तक दी जा रही हैं। ये स्पैम ईमेल ऐसे डोमेन का इस्तेमाल कर रहे हैं जो बिलकुल विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक ईमेल के जैसे नजर आते हैं। ऐसे में अनजान सोर्स से आया कोरोना से जुड़ा कोई भी ईमेल ओपन न करें क्योंकि ये  कोई मैलवेयर अटैक भी हो सकता है।  
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