WhatsApp Chatbot क्या है, Covid-19 से लड़ने में किस तरह करता है ये मदद

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है। इसी से बचने के लिए भारत सरकार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित चैटबॉट लेकर आई है जो कोरोना वायरस के खिलाफ जंग से लड़ने में मदद करेगा।

CHATBOT TO FIGHT AGAINST COVID-19
व्हाट्सएप चैटबॉट 

मुख्य बातें

  • कोरोना वायरस से जुड़े कई अफवाह सोशल मीडिया पर फैल रहे
  • भारत सरकार व्हाट्सएप चैटबॉट लेकर आई है
  • व्हाट्सएप चैटबॉट कोविड-19 महामारी से लड़ने में करेगा मदद

कोरोना वायरस के केसेस दुनियाभर में बढ़ते जा रहे हैं। भारत में भी अब तक इसके 1300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जबकि 35 लोग अब तक काल के गाल में समा चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा घोषित किए गए नेशनल लॉकडाउन का आज आठवां दिन है। दुनियाभर में 860,000 कंफर्म केस अभी तक सामने आ चुके हैं जबकि 42,000 से जयादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस वैश्विक महामारी के कारण लोगों के बीच कई तरह की अफवाहें भी फैल रही है जिससे लोगों को बचने की अपील की जाती है। 

व्हाट्सएप से लेकर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है। इसी से बचने के लिए भारत सरकार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित चैटबॉट लेकर आई है जो कोरोना वायरस के खिलाफ जंग से लड़ने में हमारी मदद करेगा। व्हाट्सएप चैटबॉट एक ऐसा ऑप्शन है जिससे आप अपने मन में उठ रहे तमाम सवालों और संदेहों को पूछ सकते हैं और अपने मन की जिज्ञासा शांत कर सकते हैं।

भारत सरकार कर रही इस्तेमाल
भारत सरकार ने माईगोव कोरोना हेल्पडेस्क के नाम से व्हाट्सएप चैटबॉट का सेटअप किया है जो कोरोना वायरस से जुड़े सभी सही और तथ्यआधारित जानकारियों को आप तक पहुंचाने का काम करता है। चैटबॉट रिलायंस जियो के हैप्टिक टेक्नोलॉजी के द्वारा बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य संस्थाओं ने भी चैटबॉट बनाया है जो लोगों के बीच फैल रहे अफवाहों को खत्म करने का काम कर रहा है।

WHO से है वैरीफाइड
यहां गौर करने वाली बात ये है कि व्हाट्सएप, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से जुड़ा हुआ है जो कोरोना वायरस से जुड़े सभी संदिग्ध सवालों के जवाब यूजर्स तक पहुंचाती है। गोवा में COBOT-19 के नाम से चैटबॉट बनाया गया है। इसे हेल्थकेयर स्टार्टअप और बेंगलुरु आधारित कंपनी वरलूप के मदद से बनाया गया है। ये बॉट अंग्रेजी और कोंकणी भाषा में सवालों के जवाब देते हैं जबकि हिंदी भाषा पर अभी काम चल रहा है। 

इस तरह करता है काम
वरलूप के फाउंडर गौरव सिंह ने बताया कि चैटबॉट कोबोट-19 को बेसिक मशीन लर्निंग के तहत ट्रेन किया गया है। इन सबके अलावा एयरटेल और अपोलो ने भी WHO और भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन्स के तहत कोरोना वायरस ट्रैकिंग सॉल्यूशन एप बनाने की तैयारी कर रही है। एयरटेल यूजर्स इसे एयरटेल थैंक्स एप के जरिए एक्सेस कर सकते हैं। चैटबॉट आपकी आयु, लक्षण, ट्रैवल हिस्ट्री और पहले से आपको हुई बीमारी को लेकर सवाल पूछता है। रिलायंस जियो ने कोरोना वायरस सिंपटम चेकर टूल लांच किया है जिसे जियो यूजर्स मायजियो एप के तहत यूज कर सकते हैं। 

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