सौरमंडल के रहस्‍य से उठेगा पर्दा! Jupiter के पास चट्टानों का पता लगाने को NASA लॉन्‍च करेगा खास मिशन

नासा जल्‍द ही नया स्‍पेस मिशन लॉन्‍च करने जा रहा है, जिसमें Jupiter के पास के Asteroids के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। इससे सौर मंडल को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्‍मीद की जा रही है।

सौर मंडल के रहस्‍य से उठेगा पर्दा! Jupiter के पास चट्टानों का पता लगाने को NASA लॉन्‍च करेगा खास मिशन
सौर मंडल के रहस्‍य से उठेगा पर्दा! Jupiter के पास चट्टानों का पता लगाने को NASA लॉन्‍च करेगा खास मिशन  |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • नासा Jupiter के पास Asteroid के बारे में पता लगाने के लिए खास मिशन लॉन्‍च करने जा रहा है
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे यह जानने में मदद मिलेगी कि सौर मंडल आखिर कैसे अस्तित्‍व में आया
  • यह मिशन 12 वर्षों के लिए होगा, जिस दौरान स्‍पेसक्राफ्ट लगभग 6.5 अरब किलोमीटर की दूरी तय करेगा

NASA: सौरमंडल में कई ऐसी चीजें हैं, जो हमें हैरान करती हैं। यह अथाह सागर की तरह है, जिसके बारे में अब तक विज्ञान भी पूरी तरह नहीं जान पाया है। वैज्ञानिक लगातार इसके बारे में जानकारियां जुटाने में लगे हैं। इसी क्रम में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अब बृहस्‍पति (Jupiter) के पास क्षुद्रग्रह (Asteroid) ट्रोजन्‍स (Trojans) के बारे में पता लगाने के लिए मिशन लॉन्‍च करने जा रहा है। यह इस तरह का पहला मिशन है और समझा जा रहा है कि इससे सौरमंडल के बारे में काफी कुछ जानने का मौका मिलेगा।

अक्‍टूबर में लॉन्‍च होगा मिशन

नासा का यह मिशन अक्‍टूबर में लॉन्‍च होने वाला है। इसे लुसी (Lucy) नाम दिया गया है, जो बीटलस (Beatles) के गाने 'लुसी इन द स्‍काई विद डायमंड्स' (Lucy in the sky with Diamonds) से प्रेरित है। नासा का यह मिशन 16 अक्‍टूबर को अमेरिका में फ्लोरिडा स्थित केप केनेवेरल स्‍पेस स्‍टेशन से लॉन्‍च होने वाला है, जो 12 वर्षों के लिए होगा। इस दौरान यह 6,50,000 किलोमीटर प्रति घंटा या 15 किलोमीटर प्रति सेकंड की औसत रफ्तार से लगभग 6.5 अरब किलोमीटर की दूरी तय करेगा।

नासा वैज्ञानिकों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, लॉन्‍स के बाद Lucy रफ्तार पकड़ने के लिए पहले सूरज के चक्‍कर लगाएगा। यह अपने पहले लक्ष्‍य से 2025 तक नहीं मिलेगा, जो कि एक सामान्‍य एस्‍ट्रॉयड होगा, न कि Trojan। वर्ष 2027 से 2033 के बीच यह सात Trojans के पास से गुजरेगा, जिनमें से दो Eurybates और इसका उपग्रह Queta हैं। यह पहला अंतरिक्ष यान होगा, जो Jupiter की कक्षा से Trojans के बारे में जानकारी जुटाएगा। इसके बाद यह धरती के करीब लौट आएगा, लेकिन उल्‍टी दिशा में घूमते हुए Jupiter की कक्षा में बना रहेगा।

क्‍यों खास है नासा का ये मिशन?

वैज्ञानिक नासा के इस मिशन को बेहद महत्‍वपूर्ण मानते हैं। उन्‍हें उम्‍मीद है कि इससे यह जानने में मदद मिलेगी और इस दिशा में महत्‍वपूर्ण संकेत हाथ लगेंगे कि करीब चार अरब वर्ष पहले सौर मंडल आखिर किस तरह अस्तित्‍व में आया। Lucy में लगे वैज्ञानिक उपकरण एस्‍ट्रॉयड्स की सतह के तापमान के साथ उसकी संरचना को लेकर भी महत्‍वपूर्ण जानकारी जुटाएंगे कि ये बर्फ से बने हैं या ऑर्गेनिक मटीरियल या किसी अन्‍य तरह के मिनरल्‍स से बने हैं।

Lucy हालांकि न तो किसी एस्‍ट्रॉयड की कक्षा में प्रवेश करेगा और न ही सैंपल एकत्र करने के लिए उनकी सतह पर उतरेगा, क्‍योंकि इसमें रॉकेट की अधिक खपत होगी। यह पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित स्‍पेस मिशन होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। स्‍पेस मिशन आम तौर पर परमाणु ऊर्जा से संचालित होते हैं। 

Trojans क्‍या हैं?

Trojans अंतरिरक्ष में मौजूद चट्टान (Space rocks) हैं, जो अनुमानत: 250 किलोमीटर के दायरे में हैं। ये सूरज और Jupiter की कक्षा के करीब हैं। ये ग्रह के आगे और पीछे दो दिशाओं में घूर्णन करते हैं। इस दौरान उनकी सूरज और Jupiter से दूरी लगभग बराबर होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि Trojans उन्‍हीं मटीरियल्‍स के अवशेष हैं, जिनसे हमारे सौरमंडल में इस वक्‍त मौजूद चार बड़े ग्रह Jupiter, Saturn, Uranus और Neptune बने हैं।

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