सूरज से 20 लाख KM प्रति घंटे की रफ्तार से आ रहा है तूफान, क्या पूरी दुनिया में छा जाएगा अंधेरा?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 14, 2022, 10:48 AM IST

दुनियाभर की स्पेस एजेंसियों के मुताबिक आज यानी 14 अप्रैल को धरती से सूर्य से निकला भू-चुंबकीय तूफान टकराने वाला है। सूर्य की गतिविधि में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि हुई है इसलिए ये अनुमान है कि ये भू-चुंबकीय तूफान खतरनाक हो सकता है।

सूरज से 20 लाख KM प्रति घंटे की रफ्तार से आ रहा है तूफान, क्या पूरी दुनिया में छा जाएगा अंधेरा?

दुनियाभर की स्पेस एजेंसियों के मुताबिक आज यानी 14 अप्रैल को धरती से सूर्य से निकला भू-चुंबकीय तूफान टकराने वाला है। सूर्य की गतिविधि में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि हुई है इसलिए ये अनुमान है कि ये भू-चुंबकीय तूफान खतरनाक हो सकता है। 

एक सौर भू-चुंबकीय तूफान का मूल रूप से मतलब है कि सूर्य गुरुवार को आंतरिक सौर मंडल पर पृथ्वी और कुछ अन्य ग्रहों की ओर उच्च-तीव्रता वाली ऊर्जा के साथ भारी मात्रा में कोरोनल मास इजेक्शन डिस्चार्ज करने वाला है। 

दरअसल, सूर्य पर महीनों से पड़ा सनस्पॉट 11 अप्रैल 2022 को जीवीत हो उठा और इसकी वजह से सूर्य की सतह पर भयानक कोरोनल मास इजेक्शन (CME) हुआ। इस स्पॉट से निकले CME प्लाज्मा बॉल तेजी से धरती की तरफ बढ़ रहे हैं और आज यानी 14 अप्रैल को इनके धरती से टकराने की संभावना है। CME लगभग 20,69,834 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ धरती से टकरा सकता है।

NASA और NOAA सूर्य द्वारा CME के एमिशन पर नज़र रख रहे हैं और इनका मानना है कि तूफान 14 अप्रैल को हमारे ग्रह से टकरा सकता है। नासा ने आगे ये भी भविष्यवाणी की है कि इस विशाल तूफान के पृथ्वी से टकराने के बाद, बहुत तेज सौर हवा की धारा के कारण इसके तेज होने की संभावना है।

एक ट्वीट में, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेज इंडिया (CESSI) ने कहा, 'हमारा मॉडल फिट 14 अप्रैल, 2022 को 429-575 किमी / सेकंड के बीच की गति के साथ पृथ्वी के प्रभाव की बहुत अधिक संभावना को इंगित करता है। निम्न से मध्यम भू-चुंबकीय गड़बड़ी की उम्मीद है।'

एजेंसियों ने ये भी कहा है कि एक विशाल भू-चुंबकीय तूफान में विद्युत ग्रिड और पृथ्वी के अन्य संसाधनों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता होती है, जिससे दुनिया के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट हो सकता है। अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर यह भूचुंबकीय तूफान जी-2 के स्तर तक पहुंचने की आशंका है।

क्या ये सौर भू-चुंबकीय तूफान खतरनाक हो सकता है?

अमेरिकी एजेंसी नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने कहा है कि पृथ्वी पर अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिजली गुल होने और रेडियो सिग्नल में व्यवधान का सामना करने की संभावना है। मध्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान नहीं हो सकता है, लेकिन कुछ बिजली बाधित होने की संभावना है।

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