Aarogya Setu app: ट्रेन से है जाना तो पहले फोन में इंस्‍टॉल करना होगा आरोग्‍य सेतु एप

Aarogya Setu app mandatory: रेलवे ने विशेष ट्रेनों से यात्रा करने वालों के लिए अपने स्‍मार्टफोन में कोरोना ट्रैकर 'आरोग्‍य सेतु' एप डाउनलोड करना अनिवार्य कर दिया है।

ट्रेन से है जाना तो पहले फोन में इंस्‍टॉल करना होगा आरोग्‍य सेतु एप
ट्रेन से है जाना तो पहले फोन में इंस्‍टॉल करना होगा आरोग्‍य सेतु एप   |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • विशेष ट्रेनों से यात्रा करने वालों के लिए आरोग्‍य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा
  • इस एप को कोरोना वायरस संक्रमण की ट्रैकिंग में काफी अहम माना जाता है
  • रेलवे आज से चरणबद्ध तरीके से ट्रेनें चलाने जा रहा है

नई दिल्ली : कोरोना वायरस/लॉकडाउन के बीच सरकार ने चरणबद्ध तरीके से ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन से कुछ विशेष रेलगाड़‍ियां आज (12 मई, मंगलवार) से ही संचालित की जा रही हैं, जिसके लिए लोगों की भारी भीड़ स्‍टेशन पर पहुंची हुई है। इस बीच रेलवे ने साफ कर दिया है कि जिन यात्रियों को भी विशेष ट्रेनों से अपने गंतव्‍य तक जाना है, उनके लिए अपने स्‍मार्टफोन में कोरोना वायरस ट्रैकर 'आरोग्‍य सेतु' एप डाउनलोड करना अनिवार्य है। इसके बगैर उन्‍हें यात्रा में मुश्किलें आ सकती हैं।

रेलवे ने क‍िया अनिवार्य
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की ट्रैकिंग में अहम समझे जाने वाले इस एप को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रेलवे ने इसे अनिवार्य करने की बात कही है। इससे पहले सोमवार को कहा गया था कि यह अनिवार्य नहीं है, हालांकि उसने यात्रियों को सुझाव दिया था कि वे अपने फोन में इसे जरूर रखें। रेल मंत्रालय की ओर से सोमवार देर रात इस संबंध में ट्वीट कर बताया गया कि मंगलवार से शुरू हो रही विशेष ट्रेनों से यात्रा करने वालों के लिए अपने फोन में इसे इंस्‍टॉल करना अनिवार्य होगा।

रेल मंत्रालय ने किया ट्वीट
रेल मंत्रालय की ओर से सोमवार देर रात ट्वीट कर कहा गया कि भारतीय रेल कुछ यात्री ट्रेन सेवाओं की शुरुआत करने जा रही है। इन ट्रेनों में यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व यात्रियों द्वारा आरोग्य सेतु ऐप को अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोड करना अनिवार्य है। इसमें एप डाउनलोड करने के लिए लिंक भी दिया गया है।

कोरोना ट्रैकिंग में है मददगार
बताया जा रहा है कि विशेष ट्रेन से यात्रा करने वाले जिन यात्रियों के फोन में यह ऐप नहीं होगा, उन्हें स्टेशन पहुंचने पर इसे डाउनलोड करने के लिए कहा जा सकता है। गृह मंत्रालय ने उन क्षेत्रों में इस एप को इंस्‍टॉल करना अनिवार्य कर दिया है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण के अधिक मामले हैं। इसका इस्तेमाल संक्रमण के मामलों में संपर्क का पता लगाने और यूजर्स को चिकित्सीय सलाह देने में किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब तक लगभग 9.8 करोड़ स्मार्टफोन में यह एप डाउनलोड किया जा चुका है।

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