Money Mule Fraud : भारत में AI से साइबर फ्रॉड पर बड़ा वार, मनी म्यूल खातों पर लगेगी रोक

Money Mule Fraud: भारत सरकार ने AI की मदद से मनी म्यूल खातों पर रोक लगाने के लिए I4C और RBIH के बीच समझौता किया है, जिससे साइबर फ्रॉड को पहले ही पकड़कर रोका जा सकेगा।

Money Mule Fraud : भारत सरकार ने साइबर अपराधों (cyber fraud) से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 12 मई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इनोवेशन हब (RBIH) के साथ मिलकर एक समझौता (MoU) किया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य “मनी म्यूल” बैंक खातों की पहचान कर साइबर फ्रॉड को रोकना है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार साइबर सुरक्षित भारत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस नई व्यवस्था के तहत AI तकनीक की मदद से संदिग्ध खातों को जल्दी पहचाना जाएगा और उन्हें रोका जाएगा, ताकि आम लोगों को होने वाले वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके।

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'मनी म्यूल' से AI के जरिये होगी आपकी सुरक्षा, जानिए कैसे (तस्वीर-istock)

मनी म्यूल फ्रॉड क्या होता है?

मनी म्यूल फ्रॉड एक ऐसा साइबर अपराध है जिसमें अपराधी किसी और व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल अवैध पैसे को इधर-उधर करने के लिए करते हैं। आसान भाषा में, किसी मासूम या लालच में फंसे व्यक्ति के बैंक अकाउंट को पैसे ट्रांसफर करने के “माध्यम” के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कई बार साइबर अपराधी छात्रों, बेरोजगार लोगों, या कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को घर बैठे कमाई या कमीशन का लालच देकर उनके खाते का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें कहा जाता है कि वे अपने खाते में पैसा लें और फिर आगे किसी और खाते में ट्रांसफर कर दें, जिसमें उन्हें थोड़ा हिस्सा मिलेगा। असल में यह पैसा चोरी या धोखाधड़ी से कमाया गया होता है।

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