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एशियन गेम्स लॉन्ग जंप में विवाद के बाद मिली निराशा, अब ट्रिपल जंप में किस्मत आजमाएंगी शैली सिंह

Shaili Singh To Go For Triple Jump Now: भारत की लॉन्ग जंप एथलीट शैली सिंह के साथ एशियन गेम्स में जो कुछ हुआ उसने ना सिर्फ उनका दिल तोड़ा है, बल्कि अब उन्हें ट्रिपल जंप में मेहनत करने व किस्मत आजमाने को प्रेरित किया है।

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शैली सिंह (Instagram/Shailisingh012)

लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह एशियाई खेलों में विवादास्पद चौथे स्थान पर रहने की निराशा से उबरकर आगामी प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और वह भविष्य में भी त्रिकूद (ट्रिपल जंप) में अपना भाग्य आजमाना चाहती हैं। जापान में एशियाई खेलों में इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने महिलाओं की लंबी कूद में 6.42 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारत ने हालांकि उनके चौथे प्रयास के नाप के तरीके पर आपत्ति जताई थी। इसे आधिकारिक तौर पर 6.41 मीटर दर्ज किया गया था लेकिन भारत ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने कूद की लंबाई कम नापी थी।

भारत ने प्रतियोगिता के दौरान विरोध दर्ज किया था जिसको खारिज कर दिया गया। इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने खेल पंचाट के सामने यह मामला उठाया। शैली में पीटीआई से कहा, "जो कुछ हुआ वो मेरे लिए बिल्कुल नया था। उस समय मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया। मुझे इससे उबरने में कई दिन लग गए। मैं इतने साल से मेहनत कर रही हूं लेकिन अगर मैं इसके बारे में ही सोचती रहूंगी तो उससे किसी तरह का फायदा नहीं होगा। मुझे इस घटना को भूलना होगा।"

उन्होंने कहा, "हमने वहां भी आपत्ति दर्ज कराई थी और मामला अभी चल रहा है। फैसला जो भी हो मैं उसे स्वीकार करूंगी।" शैली ने कहा कि वह उस घटना में उलझे रहने के बजाय आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

उन्होंने कहा, "मुझे आगामी प्रतियोगिता के लिए भी तैयार होना है। इसलिए मुझे पुरानी बातों को पीछे छोड़ना होगा और नई चीजों को स्वीकार करना होगा।" शैली ने 65वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में त्रिकूद में भी खुद को परखा और 13.31 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया की लंबी कूद ही उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, "मैं त्रिकूद में खुद को आजमाना चाहती थी। मैंने इसका अभ्यास किया था। लेकिन लंबी कूद मेरी मुख्य स्पर्धा होगी। त्रिकूद मेरी सहायक स्पर्धा रहेगी। मुझे इसके लिए अधिक अभ्यास करना होगा।"

शैली पिछले दो-तीन वर्षों से टखने की चोट से जूझ रही थीं, जिससे लंबी कूद में उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा, "मैं यह तो नहीं कह सकती कि मैं पूरी तरह से फिट हूं, लेकिन मैं चोट से उबर चुकी हूं। इस तरह से देखा जाए तो मैं काफी फिट हूं।"

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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