ग्लास्गो: साक्षी चौधरी, अरूंधति चौधरी और सचिन सिवाच ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बुधवार को अपने अपने वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पांच और पदक पक्के कर लिये । 26 वर्ष की साक्षी ने 51 किलोवर्ग में उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराया।अरुंधति ने न्यूजीलैंड की मोर्गन हेंडरसन को 3-1 से मात दी। वहीं सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किग्रा भारवर्ग में मोजांबिक के ट्रेजर मोरोमी को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इसके बाद अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा भारवर्ग और नरेंदर बरवाल ने पुरुषों के 90 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में एंट्री कर ली। बुधवार को किसी भी भारतीय बॉक्सर को अबतक हार का मुंह नहीं देखना पड़ा है। लवलीना बोरगोहेन (75 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), जादूमणि सिंह (पुरुष 55 किलो) के बाद साक्षी, अरुंधति (70 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा)और नरेंदर(90 किग्रा) ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए नौ पदक पक्के हो गए हैं। बुधवार को भारत का एक क्वार्टर फाइनल मुकाबला अभी भी बाकी है।
साक्षी चौधरी, सचिन सिवाच और अरुंधति चौधरी
साक्षी ने बताया कैसे मिली जीत
अपने कद का पूरा इस्तेमाल करते हुए साक्षी ने फ्रायर्स को जवाबी हमलों का मौका ही नहीं दिया । उन्होंने जीत के बाद कहा,'उसकी रणनीति करीब से आक्रमण करने की थी जबकि मैं लंबी रेंज से मुक्के लगा रही थी जो मेरी ताकत है।' आयरिश मुक्केबाज ने लगातार आक्रामक तेवर अपनाकर और धड़ाधड़ पंच मारकर साक्षी को परेशान करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने संयम बनाए रखा । उन्होंने ज्यादातर हमलों से बचते हुए बेहतर और असरदार संयोजन के साथ जवाबी हमला किया। फ्रायर्स के लगातार दबाव के बावजूद साक्षी ने शानदार फुटवर्क और रिंग स्किल का इस्तेमाल करते हुए दूरी को बखूबी नियंत्रित किया, शुरू से आखिर तक मुकाबले की रफ्तार अपने हिसाब से तय की और आसानी से जीत हासिल की।
अरुंधति और हेंडरसन के बीच हुई कांटे की टक्कर
महिलाओं के 70 किग्रा भारवर्ग में अरुंधति चौधरी न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन के खिलाफ कड़े मुकाबले में 3-1 से 'स्प्लिट-डिसीजन' जीत हासिल की। अरुंधति अपनी रणनीति पर टिकी रहीं और अच्छे पंच मारने पर ध्यान दिया, जबकि हेंडरसन आखिर तक आगे बढ़कर खेलती रहीं। अरुंधति के लिए आगे की चुनौती और मुश्किल होगी क्योंकि सेमीफाइनल में उनका मुकाबला वेल्स की मौजूदा चैंपियन रोजी एक्लेस से होगा, जिन्होंने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में गोल्ड मेडल जीता था।
सचिन ने नहीं दिया बोस्वाना के मुक्केबाज को मौका
इसके बाद सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किग्रा भारवर्ग में बोस्वाना के ट्रेजर मोरिमी के खिलाफ शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और अंत तक मुकाबले में बने रहे। उन्होंने बोस्वाना के ट्रेजर मोरिमी को कोई मौका नहीं दिया और 5-0 के अंतर से मुकाबले में जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
सेमीफाइनल में पहुंचे अंकुश
भारत के अंकुश ने शेशेल्स के जेड मिकॉक को 5-0 के अंतर से मात देकर भारत के लिए बॉक्सिंग में आठवां पदक पक्का कर दिया। पुरुषों के 80 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में उन्होंने एकतरफा अंदाज में मिकॉक को मौका नहीं दिया और मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में एंट्री कर ली।
नरेंद्र बरवाल भी पहुंचे सेमीफाइनल में
नरेंदर बरवाल ने 90 किग्रा सुपर हैवीवेड वर्ग में सैमुआ के मुक्केबाज माइकल सेको को स्प्लिट डिसीजन वाले मुकाबले में पटखनी देकर सेमीफाइनल में एंट्री कर ली और भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया। छठे दिन सेमीफाइनल में पहुंचने वाले नरेंदर पांचवें मुक्केबाज रहे। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में किसी भी भारतीय को हार का सामना नहीं करना पड़ा।
