हरारे: जिंबाब्वे ने अफगानिस्तान को हरारे में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन पारी और 73 रन के बड़े अंतर से मात दी और 12 साल लंबे अंतराल के बाद घर पर टेस्ट में पहली जीत दर्ज की। जिंबाब्वे ने अपनी धरती पर आखिरी टेस्ट मैच साल 2013 में जीता था। मैच में मेजबान जिंबाब्वे ने टॉस जीतकर अफगानिस्तान को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया और 127 रन पर ढेर कर दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करते हुए बेन कुरेन की 121 रन की पारी की बदौलत 359 रन का स्कोर खड़ा किया।
पारी और 73 रन के अंतर से जीता मैच
पहली पारी में 232 रन की बढ़त हासिल करने के बाद जिंबाब्वे के गेंदबाजों ने ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नागरवा की शानदार गेंदबाजी की बदौलत अफगानी टीम को 159 रन पर ढेर करके मैच पारी और 73 रन के अंतर से अपने नाम कर लिया। 24 साल बाद जिंबाब्वे की टीम कोई टेस्ट मैच पारी के अंतर से अपने नाम करने में सफल हुई है। जिंबाब्वे ने आखिरी बार पारी के अंतर से जीत साल 2001 में बांग्लादेश के खिलाफ हासिल की थी।
दर्ज की अपनी सबसे बड़ी टेस्ट जीत, तोड़ा 30 साल पुराना रिकॉर्ड
जिंबाब्वे की यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत है। जिंबाब्वे ने साल 1995 में पाकिस्तान को हरारे में पारी और 64 रन के अंतर से मात दी थी। अफगानिस्तान को पारी और 73 रन के अंतर से मात देकर जिंबाब्वे ने अपने 30 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर जीत का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
बेन कुरेन बने प्लेयर ऑफ द मैच
यह पूरा मुकाबला पूरी तरह जिम्बाब्वे के नाम रहा, जहां मेजबान टीम ने खेल के हर सेशन में अपना दबदबा बनाए रखा। ब्रैड इवांस की शानदार गेंदबाजी की बदौलत अफगानिस्तान पहली पारी में सिर्फ 127 रन पर सिमट गया। इसके बाद जिंबाब्वे ने बेन कुरेन के शानदार और टेस्ट करियर के पहले शतक की बदौलत 359 रन का स्कोर खड़ा करके 232 रन की बढ़त बना ली। इसके जवाब में अफगानिस्तान रिचर्ड नागरवा के पंजे में फंस गया और दूसरी पारी में भी केवल 159 रन बना सका। नागरवा ने 5 और मुजरबानी ने 3 विकेट चटकाए। बेन कुरेन को शानदार शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
