भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विमेंस महिला वर्ल्ड कप 2025 के विशाखापट्टनम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में 3 विकेट के करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम ने मैच में 102 रन पर 6 विकेट गंवाने के बाद ऋचा घोष की 77 गेंद में 84 रन की आतिशी पारी की बदौलत 49.5 ओवर में 10 विकेट पर 251 रन का स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद जीत के लिए मिले 252 रन के लक्ष्य को नैडिन डी क्लार्क की 54 गेंद में 84 रन की आतिशी नाबाद पारी की बदौलत 48.5 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भारतीय टीम के जबड़े से अंतिम ओवरों में डी क्लार्क की आतिशी पारी की बदौलत छीन ली।
252 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए डी क्लार्क ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी के दौरान 54 गेंद में आठ चौकों और पांच छक्कों से नाबाद 84 रन बनाने के अलावा क्लो ट्रायोन (49) के साथ सातवें विकेट के लिए 69 रन जोड़कर दक्षिण अफ्रीका को 48.5 ओवर में सात विकेट पर 252 रन के स्कोर तक पहुंचाकर जीत दिलाई। कप्तान और सलामी बल्लेबाज लॉरा वोलवार्ट ने भी 70 रन की उम्दा पारी खेली।
दक्षिण अफ्रीका ने जीता टॉस:
भारत के खिलाफ मुकाबले में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया।
प्रतिका और मंधाना ने टीम इंडिया को दिलाई अच्छी शुरुआत
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लौरा वोलवार्ट ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया जिसके बाद प्रतिका रावल (37) और स्मृति मंधाना (23) ने पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। प्रतिका एक बार फिर अच्छी लय में नजर आई जबकि स्मृति को फिर से रनों के लिए जूझना पड़ा। प्रतिका ने मारिजान कैप के पहले ही ओवर में दो चौकों के साथ शुरुआत की और फिर अयाबोंका खाका की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। स्मृति ने खाका पर पारी का पहला छक्का जड़ा जबकि नेदिन डी क्लार्क का स्वागत चौके के साथ किया लेकिन 11वें ओवर में मलाबा की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर सुने लुस को कैच दे बैठीं। ऐसे में टीम इंडिया को पारी में पहला झटका लगा।
हरनील के आउट होते ही लगी विकेटों की झड़ी
मंधाना के आउट होने के बाद अच्छे फॉर्म में चल रहीं हरलीन देओल सिर्फ 13 रन बनाने के बाद मलाबा की तेजी से स्पिन लेती गेंद पर बोल्ड हो गईं। तेज गेंदबाज तुमी सेखुखुने ने 20वें ओवर में प्रतिका को ताजमिन ब्रिट्स के हाथों कैच कराके भारत को बड़ा झटका दिया। प्रतिका ने 56 गेंद का सामना करते हुए पांच चौके मारे। ट्रायोन ने अगले ओवर में जेमिमा रोड्रिग्स (00) को पगबाधा करके भारत कौ चौथा झटका दिया। भारत के रनों का शतक 25वें ओवर में पूरा हुआ लेकिन इसी ओवर में कप्तान हरनमप्रीत कौर (09) ट्रायोन की गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट पर कैप को कैच दे बैठीं। कैप ने अगले ओवर में दीप्ति शर्मा (04) को विकेटकीपर सिनालो जाफ्ता के हाथों कैच कराया जिससे भारत का स्कोर एक विकेट पर 83 रन से छह विकेट पर 102 रन हो गया।
अच्छी लय में नजर आईं ऋचा और अमनजोत, पहुंचाया 150 के पार
102 के स्कोर पर 6 विकेट गंवाने के बाद अमनजोत कौर और ऋचा घोष ने इसके बाद पारी को संभाला। ऋचा अच्छी लय में नजर आईं। ऋचा ने ट्रायोन पर चौके के साथ 86 गेंद के बाउंड्री के सूखे को खत्म किया और फिर खाका पर चौका और सेखुखुने की गेंद पर छक्का जड़ दिया। अमनजोत (13) ने 38वें ओवर में ट्रायोन पर अपना पहला चौका मारा लेकिन बाएं हाथ की इस स्पिनर के अगले ओवर में लुस को कैच दे बैठीं। 40 ओवर में 153 के स्कोर पर भारत को सातवां झटका लगा।
ऋचा और अमनजोत के बीच हुई 88 रन की साझेदारी
अमनजोत के आउट होने के बाद ऋचा घोष और स्नेह राणा ने रन गति में इजाफा किया। ऋचा ने डी क्लार्क की गेंद पर छक्का जड़ा जबकि स्नेह ने मलाबा पर लगातार दो चौके जड़े। ऋचा ने डी क्लर्क पर चौके और फिर एक रन के साथ 53 गेंद में एकदिवसीय विश्व कप का पहला और करियर का सातवां अर्धशतक पूरा किया। ऋचा ने 46वें ओवर में कैप पर चौके के साथ भारत के रनों का दोहरा शतक पूरा किया। उन्होंने अगले ओवर में खाका को निशाना बनाते हुए लगातार दो चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे। स्नेह ने कैप पर लगातार दो चौके मारे लेकिन फिर लॉरा वोलवार्ट को कैच दे बैठीं। ऋचा ने अंतिम ओवर में डि क्लर्क पर लगातार दो चौके मारे लेकिन इस तेज गेंदबाज ने उन्हें और श्री चरणी (00) को लगातार गेंद पर आउट करके भारतीय पारी का अंत किया। ऋचा 77 गेंद में 94 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटीं और टीम को 49.5 ओवर में 251 रन तक पहुंचा दिया। भारत ने अंतिम नौ ओवर में 97 रन जुटाए।
खराब रही दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत
जीत के लिए 252 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब रही। टीम ने छठे ओवर में 18 रन तक ही तैंजमिन ब्रिट्स (00) और सुने लुस (05) के विकेट गंवा दिए। ब्रिट्स का क्रांति गौड़ (59 रन पर दो विकेट) ने अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लपका जबकि लुस को अमनजोत ने विकेटकीपर ऋचा के हाथों कैच कराया। वोलवार्ट और मारिजेन कैप (20) ने इसके बाद पारी को संभाला। दोनों ने 12वें ओवर में टीम के रनों का अर्धशतक पूरा किया। ऑफ स्पिनर स्नेह (47 रन पर दो विकेट) ने 14वें ओवर में कैप को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ा जबकि ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा (54 रन पर एक विकेट) ने अगले ओवर में एनिके बोश (01) को अपनी ही गेंद पर लपककर दक्षिण अफ्रीका का स्कोर चार विकेट पर 58 रन किया। श्री चरणी (37 रन पर एक विकेट) ने विकेटकीपर बल्लेबाज सिनालो जाफ्ता (14) को पगबाधा करके दक्षिण अफ्रीका को पांचवां झटका दिया।
81 रन पर द. अफ्रीका ने गंवाए पांच विकेट
81 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद वोलवार्ट और ट्रायोन ने इसके बाद विकेटों के पतझड़ पर विराम लगाया। वोलवार्ट ने हरमनप्रीत कौर की गेंद पर एक रन के साथ 81 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। दक्षिण अफ्रीका के रनों का शतक 28वें ओवर में पूरा हुआ। वोलवार्ट और ट्रायोन ने स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी। ट्रायोन ने हरमनप्रीत और स्नेह पर चौके मारे जबकि वोलवार्ट ने भी स्नेह पर चौका मारा।
अखिरी 90 गेंद में द. अफ्रीका को बनाने थे 112 रन
दक्षिण अफ्रीका को अंतिम 15 ओवर में जीत के लिए 112 रन की दरकार थी। हरमनप्रीत ने इसके बाद गेंद क्रांति को थमाई और उन्होंने अपनी कप्तान को निराश नहीं करते हुए वोलवार्ट को शानदार यॉर्कर पर बोल्ड कर दिया। ट्रायोन ने इसके बाद डी क्लर्क के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने कुछ आकर्षक शॉट मारे और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। ट्रायोन 46 रन के स्कोर पर भाग्यशाली रहीं जब स्नेह की गेंद पर स्मृति ने उनका कैच टपका दिया।
डी क्लार्क ने आतिशी बल्लेबाजी से दिलाई जीत
डी क्लर्क ने अमनजोत पर चौके और एक रन के साथ 45 ओवर में दक्षिण अफ्रीका के 200 रन पूरे किए। दक्षिण अफ्रीका को अंतिम पांच ओवर में 52 रन की जरूरत थी।
डी क्लार्क ने स्नेह की लगातार गेंदों पर छक्का और चौका मारा लेकिन ट्रायोन पगबाधा हो गईं। ट्रायोन ने 66 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके मारे। डी क्लार्क ने क्रांति पर लगातार दो छक्के और एक चौके के साथ 40 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और फिर दीप्ति पर भी दो चौके मारकर दक्षिण अफ्रीका को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। उन्होंने अमनजोत पर दो छक्कों के साथ अपनी टीम को जीत दिलाई।
प्लेयर ऑफ द मैच:
नेदिन डी क्लार्क को उनकी 52 गेंद में शानदार 84 पारी खेली। इस आतिशी मैच जिताऊ पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ चुना गया।
