भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने एमएस धोनी के साथ अपनी बॉडिंग को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरसीबी के एक पॉडकास्ट में अपनी क्रिकेटिंग जर्नी को लेकर कुछ बातें सामने रखी है। इस दौरान उन्होंने यह भी माना कि उनके खराब दौर में केवल धोनी ही ऐसे व्यक्ति थे जो हमेशा उनके लिए खड़े रहे।
विराट कोहली और धोनी
उन्होंने आगे कहा 'मेरे मन में उनके लिए बहुस आदर है। उन्होंने हमेशा मुझमें भरोसा दिखाया। मैं उनसे कभी भी, किसी भी स्थिति में जाकर बात कर सकता हूं। उनके साथ कभी भी ऑक्वर्ड फील नहीं होता।
उन्होंने मुझे कप्तान बनाया। उससे पहले मैं उनके नेतृत्व में लंबे वक्त तक उप-कप्तान रहा। मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहा और गेम को समझने की कोशिश करता रहा। उनका मुझ पर भरोसा था क्योंकि मैंने कई मैच जिताए थे और उन्हें पता था कि मैं गेम समझता हूं।
गेम चेंजिंग मोमेंट के बारे में विराट
विराट ने अपने करियर को लेकर खुल कर बात की। उन्होंने बताया कि 2012 का ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके करियर का गेम चेंजिंग मोमेंट था। कोहली तीसरे टेस्ट मैच की बात कर रहे थे। उस टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 44 और दूसरी पारी में 75 रन की पारी खेली थी। हालांकि, टीम इंडिया को उस टेस्ट में पारी और 37 रन से हार मिली थी। उस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 4-0 से हराया था।
कप्तानी पर भी बोले विराट कोहली
अपनी कप्तानी को लेकर विराट कोहली ने आलोचकों को जवाब दिया है। उन्होंने कहा 'हम चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में, 2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे। इसके बावजूद मुझे एक असफल कप्तान के तौर पर देखा जाता है। कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम एक बार भी कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाई और इसको लेकर हमेशा उनकी आलोचना की जाती है, जिस पर पहली बार कोहली ने प्रतिक्रिया दी है।
