वनडे वर्ल्ड कप 2027 में अब एक साल का समय बचा है। साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए सभी टीमों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। सिवाय भारतीय टीम को छोड़कर। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, टीम इंडिया अभी भी टी20 के मोहपाश बंधी हुई है। इसका पता आईपीएल 2026 के बाद से भारतीय टीम के शेड्यूल से चलता है।
आईपीएल के खत्म होने के बाद से भारतीय टीम ने महज 6 वनडे मैच खेले हैं। तीन अफगानिस्तान के खिलाफ और तीन इंग्लैंड के खिलाफ। इसके उलट टीम इंडिया ने 11 टी20 (अफगानिस्तान, आयरलैंड और इंग्लैंड) मुकाबले खेले हैं। दोनों फॉर्मेट के वर्ल्ड कप में बचे समय के लिहाज से ये आंकड़े बिल्कुल उल्टे होने चाहिए थे, क्योंकि अगला टी20 वर्ल्ड कप 2028 में होना है, जबकि वनडे वर्ल्ड कप उससे एक साल पहले यानी 2027 के अक्तूबर में ही होना है। ऐसे में लगातार वनडे ना खेलने से भारत का वर्ल्ड कप जीतने का सपना कैसे साकार होगा? साथ ही अभी तक वर्ल्ड कप के लिए कोर टीम तक नहीं तैयार हो पाई है।
कोर टीम का ही पता नहीं
कम वनडे मुकाबले खेलने का अभी तक यह नतीजा रहा है कि भारत अपनी वर्ल्ड कप की कोर टीम ही नहीं बना पाई है। बल्लेबाजी लाइन-अप भले ही पिछले वर्ल्ड कप से ही सेट नजर आ रहा है, लेकिन ऑलराउंडर और गेंदबाजों की खोज अभी भी जारी है। पेस बॉलिंग में बुमराह को छोड़कर अन्य किसी गेंदबाज की जगह तय नहीं मानी जा रही है। हालांकि, उनकी चोट बड़ी समस्या बन गई है। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ पिछले दो महीने में हुई सीरीज में गुरनूर ब्रार और प्रिंस यादव ने डेब्यू किया है, जो इस मेगा इवेंट खेलने की रेस में शामिल हैं।
वनडे मैच के दौरान प्रिंस यादव। फोटो- BCCI
शमी और भुवी की वापसी की मांग
वहीं, इसके इतर क्रिकेट विशेषज्ञों ने शमी और भुवनेश्वर कुमार को वनडे सेट-अप में वापस बुलाने की मांग की है। शमी ने साल 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। इसके बाद से वह चोट से परेशान दिखे हैं। वहीं, भुवी ने साल 2022 के बाद से भारतीय टीम से बाहर हैं। खास तौर पर भुवी की मांग ज्यादा इसलिए हो रही है क्योंकि, आईपीएल 2025 में 2026 के सीजन को मिलाकर इस खब्बू गेंदबाज ने 40 से ज्यादा विकेट चटकाए हैं। सेना (SENA) देशों में शमी ने 39 पारियों में 21.89 की औसत और 5.52 की इकॉनमी से 84 विकेट लिए हैं तो वहीं, भुवनेश्वर कुमार ने 47 पारियों में 5.24 की इकॉनमी और 37.78 की औसत से 51 विकेट चटकाए हैं।
खिलाड़ियों को मिले कम मौके
टी20 और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त मुकाबले नहीं मिल पा रहे हैं। दोनों दिग्गजों ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद से रोहित ने 26 और कोहली ने 22 वनडे मुकाबले ही खेले हैं। यह आंकड़ा एक महीने में एक मैच के बराबर भी नहीं है। इस बीच ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह तो वनडे क्रिकेट से बिल्कुल ही दूर रहे हैं। पिछले ढाई साल में हार्दिक ने 8 तो बुमराह ने मात्र 2 वनडे मुकाबले खेले हैं।
शॉर्ट खेलते हुए रोहित शर्मा। फोटो- BCCI
वनडे में पीछे और टी20 में आगे
वनडे खेलने के मामले में भारतीय टीम संयुक्त रूप से सातवें नंबर पर काबिज है। वहीं, मौजूदा टीम इंडिया फटाफट क्रिकेट में टॉप पर चल रही है। पिछले ढाई साल में टीम ने फुल-मेंबर देशों में सर्वाधिक 78 टी20 मुकाबले खेले हैं। वहीं, यह टी20 फॉर्मेट खेलने वाले 106 देशों में ये आंकड़ा तीसरा सबसे ज्यादा है। इसके विपरीत भारत ने वर्ल्ड कप 2023 के बाद से महज 29 वनडे मुकाबले खेले हैं, जो दक्षिण अफ्रीका के बराबर है। अगले साल टीम इंडिया अप्रैल तक लगभग 12 वनडे मुकाबले खेलेगी। इस बीच 16 टी20 मुकाबलों भारतीय टीम अपनी चुनौती पेश करेगी।
चोट और टीम चयन पर विवाद
भारतीय टीम प्रबंधन के लिए खिलाड़ियों की चोट परेशानी की सबब रही है। जसप्रीत बुमराह हाल ही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान लगी चोट के फिर से उभर आने के चलते श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, नितीश कुमार रेड्डी चोट से उबरने के लिए रिहैब पर है। वहीं, रोहित शर्मा को वनडे वर्ल्ड कप के सेट-अप का हिस्सा नहीं माना जा रहा है। हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि वह टीम हिस्सा बने रहेंगे। हालांकि, फिर भी टीम चयन को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए माना जा रहा था कि रवींद्र जडेजा का चयन होगा, लेकिन उनकी जगह नहीं बनी। उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को तवज्जो दी गई। इन सब विषमताओं और कारणों के चलते फिलहाल भारत का वर्ल्ड कप जीतने का सपना अधूरा ही प्रतीत हो रहा है।
