स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट के ऐसे कई दिग्गज हैं, जिन्होंने देश सेवा के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया। क्रिकेट के मैदान पर उतरते ही उनकी जिंदगी में क्या हुआ या क्या हो रहा है, इसको कोसो दूर रख वह देश के लिए खेलने ने उतरे और इतिहास रचा। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर तक इस दर्द से गुजरे हैं।
रिंकू सिंह ने पिता के नाम लिखी चिट्ठी। फोटो- BCCI
क्रिकेट के किंग यानी विराट कोहली भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। इन्होंने तक क्रिकेट के मैदान पर गदर काटा जब इनका दिल दर्द से कराह रहा था। अब इसी में एक और नाम जुड़ गया है। वो नाम है रिंकू सिंह का। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान रिंकू सिंह के पिता का लंबी बिमारी के चलते निधन हो गया।
बेटे और क्रिकेटर का निभाया फर्ज
रिंकू ने एक बेटे और क्रिकेटर का फर्ज बखूबी निभाया। बाप की चिता को अग्नि देने के बाद वह देश को चैंपियन बनाने के लिए टीम के साथ जुड़े और चैंपियन बने भी। अहमदाबाद में 8 मार्च को खेले गए टूर्नामेंट के फाइनल में जब भारतीय टीम ने खिताब जीता तो रिंकू ने सिर ऊपर उठाकर भगवान का धन्यवाद किया। उन्हें इस बात का यकीन रहा होगा कि उनके पिता उन्हें विजेता बनते हुए देख रहे होंगे।
पिता के नाम लिखी चिट्ठी
अब उन्होंने अपने पिता के लिए एक सोशल मीडिया पर एक शॉर्ट नोट (चिट्ठी) लिखा है। पिता के साथ की तस्वीर शेयर करते हुए रिंकू ने लिखा, आपसे बात किए बिना इतने दिन कभी नहीं निकले। मुझे नहीं पता आके की जिंदगी आपके बिना कैसे चलेगी...पर मुझे हर कदम पर आपकी जरूरत पड़ेगी।
रिंकू ने आगे लिखा, आपने सिखाया था कि फर्ज सबसे आगे है...तो फील्ड पर बस आपका सपना पूरा करने की कोशिश कर रहा था। अब आपका सपना पूरा हो गया है...तो बस यही लगता है कि काश आप मेरे पास होते।
बाएं हाथ के बल्लेबाज ने लिखा, हर छोटी-बड़ी खुशी में आपकी कमी खलेगी... बहुत मिस करूंगा आपको पापा... बहुत ज्यादा।
प्लेइंग इलेवन में नहीं मिली जगह
रिंकू को पोस्ट पढ़कर फैंस का दिल पसीज गया। टी20 वर्ल्ड कप में रिंकू सिंह को संजू सैमसन ने सुपर-8 के मुकाबले में रिप्लेस किया। वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। वह सेमीफाइनल और फाइनल में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं रहे। लेकिन दो ही मैचों में उन्होंने सब्सीट्यूट के रूप में फील्डिंग की।
गंभीर किया था वापस लौटने का स्वागत
वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले के दौरान जब टीम हडल के लिए मैदान पर थी। तब कोच गौतम गंभीर ने रिंकू सिंह के वापसी के फैसले का स्वागत किया। साथ ही गंभीर ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वह अकेले नहीं, बल्कि पूरी टीम उनके साथ खड़ी है।
