दो नवंबर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका को हराकर अपना पहला वर्ल्ड कप जीता। इस टूर्नामेंट में हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में पूरी टीम ने गजब का प्रदर्शन किया और 48 साल में पहली बार किसी आईसीसी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। सब कुछ ठीक था, लेकिन फाइनल मुकाबले के बाद जीत में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय ओपनर बल्लेबाज प्रतिका रावल को मेडल नहीं मिला तो फैंस का दिल बैठ गया। प्रतिका चोट के कारण सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला नहीं खेल पाई थीं। उन्हें शेफाली वर्मा ने रिप्लेस किया था जो फाइनल मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच भी बनीं। आईसीसी के नियम के अनुसार प्रतिका रावल 15 सदस्यीय स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थीं और इस कारण उन्हें मेडल नहीं मिला था।
लेकिन आखिरकार आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह के बीच-बचाव करने के बाद प्रतिका रावल को मेडल सौंपा गया। इंडिया टुडे से बातचीत में प्रतिका रावल के पिता प्रदीप ने बताया कि जय शाह ने हमें बताया कि उन्होंने आईसीसी से बात की है और कहा है कि प्रतिका को मेडल मिलेगा। हुआ भी यही और प्रतिका को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने से पहले मेडल सौंप दिया गया। यही कारण है कि जब वह पीएम मोदी से मिलने गईं थी तो उनके गले में वर्ल्ड कप का मेडल था। मैच के बाद उन्हें मेडल नहीं मिला था।
जीत में प्रतिका का अहम रोल
भले ही ओपनिंग बैटर प्रतिका सेमीफाइनल और फाइनल का मुकाबला नहीं खेल पाई हो, लेकिन इस वर्ल्ड कप की ट्रॉफी में उनका अहम रोल रहा। अपना पहला वर्ल्ड कप खेल रही प्रतिका ने 308 रन बनाए। वह रन बनाने के मामले में भारत की ओर दूसरे नंबर पर रहीं। उनकी बल्लेबाजी का ही नतीजा था कि टीम इंडिया सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही।
