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IND vs ENG: केविन पीटरसन ने छेड़ी नई बहस, आज कल की बल्लेबाजी को बताया आसान

Kevin Pietersen Statement: इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने यह कहकर एक नई बहस छेड़ दी कि आजकल बल्लेबाजी करना 20-25 साल पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है। इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक गेंदबाजों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए।

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केविन पीटरसन (फोटो- BCCI)

Kevin Pietersen Statement: इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वर्तमान दौर में बल्लेबाजी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। उनका यह बयान जो रूट की शानदार टेस्ट पारी के बाद सामने आया है, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

शुक्रवार को जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज रिकी पोंटिंग को पछाड़ते हुए टेस्ट इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरा स्थान हासिल किया। रूट ने 248 गेंदों में 150 रनों की पारी खेली और इंग्लैंड को 500 रन के पार पहुंचाया।

पीटरसन बोले – “20-25 साल पहले बल्लेबाजी दोगुनी मुश्किल थी”

जो रूट की इस पारी के अगले ही दिन पीटरसन ने 'X' (पूर्व ट्विटर) पर अपने विचार साझा करते हुए लिखा कि"आजकल बल्लेबाजी करना 20-25 साल पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है। शायद पहले के दौर में यह दोगुना मुश्किल था।"उन्होंने संकेत दिया कि तकनीक, पिच की स्थिति, सीमाओं का आकार और गेंदबाजी नियमों में बदलाव ने मौजूदा बल्लेबाजों के लिए खेल को आसान बना दिया है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि "मैंने ऊपर 22 गेंदबाजों के नाम लिए हैं। क्या आप वर्तमान दौर के 10 गेंदबाजों के नाम बता सकते हैं, जो इनसे मुकाबला कर सकें?"

पीटरसन ने की मौजूदा गेंदबाजों की आलोचना

पीटरसन का मानना है कि आज के गेंदबाजों में वो धार नहीं है, जो पहले के गेंदबाजों में देखने को मिलती थी। उन्होंने यह भी कहा कि अब बल्लेबाजों को न स्विंग से डर लगता है, न बाउंसर से, और न ही स्पिन से।उनके मुताबिक, पहले हर दौरे पर अलग चुनौती होती थी — कहीं रिवर्स स्विंग, कहीं बाउंसी ट्रैक और कहीं टर्निंग पिचें। वहीं आजकल पिचें भी सपाट होती जा रही हैं और गेंदबाजों के पास पहले जैसी विविधता नहीं बची है।

बल्लेबाजों की तुलना को बताया अनुचित

अंत में, पीटरसन ने यह भी कहा कि वर्तमान बल्लेबाजों की तुलना पूर्व दिग्गजों से करना अनुचित है, क्योंकि दोनों दौर में खेलने की परिस्थितियाँ अलग थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कि "हर युग की अपनी चुनौतियाँ होती हैं। लेकिन यह जरूर कहना चाहूंगा कि जब हमने क्रिकेट खेला, तब गेंदबाजों के खिलाफ टिके रहना कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण था।"

SIddharth Sharma
SIddharth Sharma author

सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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