रांची: इशान किशन आधुनिक युग के बल्लेबाजों के शानदार उदाहरण हैं जो लंबे समय क्रीज पर समय बिताने व एक या दो रन लेने के बजाय छक्के जमाने पर विश्वास रखते हैं। किशन को अपनी इस क्वालिटी पर गर्व है। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में 93 रन की उम्दा पारी खेली और इस दौरान सात छक्के जमाए। किशन की पारी की मदद से भारत ने 279 रन का लक्ष्य 45.5 ओवर में आसानी से हासिल किया। किशन ने कहा कि बहुत ही कम बल्लेबाज हैं, जो उनकी तरह आसानी से छक्के जमा सकते हैं और ऐसे में स्ट्राइक रोटेट करने पर ज्यादा ध्यान देने के मायने नहीं हैं।
इशान किशन
इशान किशन ने दूसरे वनडे के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'स्ट्राइक रोटेट करने की जहां तक बात है तो वो कुछ खिलाड़ी की ताकत होती है। किसी की ताकत होती है छक्के मारना। तो मेरे जैसे कोई छक्का इतनी भी जल्दी नहीं मार सकता है। मैं बहुत आसानी से छक्के मारता हूं। वो मेरी ताकत है। तो अगर मैं छक्के से ही कर लेता हूं काम तो रोटेट का उतना सोचता नहीं हूं।' याद दिला दें कि इशान किशन ने श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 161 रन की साझेदारी की थी, जो भारत की जीत का प्रमुख कारण रही।
भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, 'हां ऐसी बहुत सी पारियां आएंगी, जहां पर स्ट्राइक रोटेट करना भी जरूरी होगा, जहां पर विकेट पहले से गिर गए होंगे तो उसके लिए भी अभ्यास जरूरी है। लेकिन अगर ताकत छक्का जमाना है और गेंद मिले छक्का जमाने लायक तो मारो छक्का।' वैसे, इशान किशन छक्का जमाने की फिराक में ही अपना विकेट गंवा बैठे थे। उन्होंने बीजोर्न फॉर्टूइन की गेंद पर डीप मिडविकेट की दिशा में हवाई शॉट खेला और रीजा हेंड्रिक्स ने कैच पकड़ने में कोई गलती नहीं की। किशन अपना शतक 7 रन से चूके।
इशान किशन ने कहा, 'निश्चित ही स्ट्राइक रोटेट करना महत्वपूर्ण है। सात रन से दूर रह गया। मैं एक-एक रन लेकर भी शतक पूरा कर सकता था, लेकिन मैं कभी उस सोच में नहीं जाना चाहता कि अपने लिए खेलूं। अगर मैं देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने व्यक्तिगत स्कोर के बारे में सोचूंगा तो अपने फैंस को निराश करूंगा।' भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा व अंतिम वनडे नई दिल्ली में मंगलवार को खेला जाएगा। इशान किशन को उम्मीद होगी कि एक बार फिर वो शानदार पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत दिलाएं।
